इस्लामोफोबिया के बारे में अभी बहुत ही कम लोग जानते हैं लेकिन ये धीरे धीरे अपना जोर मार रहा है। यह एक नया ही शब्द आया है जो पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किया गया है। दरअसल, पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की वर्चुअल मीटिंग में फिर बेइज्जती हुई है। और ये बेइज्जती इसलिए हुई है क्योंकि पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत में इस्लामोफोबिया फैलाया जा रहा है।


जिससे भारत-पाकिस्तान और तीसरा देश मावदीव में घमासान राजनीति युद्ध हो रहा है। पाकिस्तान के द्वारा लगाए आरोपों के बारे मालदीव ने जवाब दिया है कि सोशल मीडिया पर चंद लोग जो ये हरकतें  करते रहते हैं, उन्हें 130 करोड़ भारतीयों का सुझाव नहीं समझा जा सकता है। तो पाक इस्लामोफोबिया के आरोप को वापस लें। इसी के साथ उन्होंने कहा कि इस्लामोफोबिया को लेकर ओआईसी को दक्षिण एशिया के किसी एक देश पर निशाना नहीं साधना चाहिए।


उल्लेखनिय है कि OIC के राजदूतों की आयोजित बैठक में दक्षिण एशिया में इस्लामोफोबिया के बारे में चर्चा  की गई थी। जिसमें पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कहा कि भारत इस्लामोफोबिया के एजेंडा को बढ़ावा दे रहा है। लेकिन मालदीव ने उनकी बोलती बंद करते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश हैं जहां हर धर्म के लोग हैं और कई धर्मों के लोगों के अलावा 20 करोड़ मुस्लिम भी हैं तो ऐसे में इस्लामोफोबिया की बात करना ही बेकार है।