अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनाने की तैयारी में जुटा है और दुनिया के साथ अपने संबंध स्थापित करने की बात कर रहा है। लेकिन इसी के साथ दूसरी तरफ वो पंजशीर इलाके में कब्जा नहीं कर पाया है और लगातार जंग जारी है। सोमवार से ही पंजशीर में तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस (NA) के लड़ाकों के बीच जंग चल रही है।

पंजशीर के अलग-अलग इलाकों में तालिबान द्वारा घुसपैठ की कोशिश की जा रही है। हालांकि, नॉर्दर्न एलायंस की मानें तो अभी तक तालिबान अपनी किसी भी कोशिश में सफल नहीं हुआ है। नॉर्दर्न एलायंस का कहना है कि पंजशीर की हर एंट्री पर हमारी नज़र है, शोतुल में तालिबान की ओर से घुसपैठ की कोशिश को हमने नाकाम कर दिया है।

तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस के बीच यहां पर गोलीबारी हो रही है, लगातार मुठभेड़ जारी है। इस बीच नॉर्दर्न एलायंस का कहना है कि जहां पर गोलीबारी हुई वहां करीब 40 से अधिक तालिबानी लड़ाकों के शव पड़े हैं, बाद में हमने उन्हें वापस लौटाने की कोशिश की। हालांकि, राहत की बात ये है कि गुरुवार को दोनों पक्षों में कोई गोलीबारी नहीं हुई।

पंजशीर में लड़ाई से इतर तालिबान के सामने एक चुनौती ये भी है कि उसके लड़ाकों का काबुल में इलाज नहीं हो पा रहा है। क्योंकि काबुल के कई अस्पतालों में अभी स्टाफ काम पर नहीं लौटा है। यही कारण है कि तालिबान को नॉर्दर्न एलायंस के साथ कई मोर्चों पर जंग को लड़ना पड़ रहा है।

तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस के बीच पहले बातचीत की कोशिश भी की गई थी। शेर ए पंजशीर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद ने ऐलान किया था कि वह बातचीत कर मुद्दे को हल करना चाहते हैं, लेकिन दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हुआ। इस बीच तालिबान ने घुसपैठ की कोशिश की और अब नतीजा है कि माहौल जंग का बना हुआ है।

तालिबान ने जब अफगानिस्तान पर कब्जा किया और काबुल के राष्ट्रपति पैलेस में वह घुसा, तब भी उसके हाथ से पंजशीर दूर था। तालिबान लगातार दावा कर रहा है कि पंजशीर उसके कंट्रोल में है, वह चारों ओर से घिरा हुआ है लेकिन अभी तक ऐसा हो नहीं पाया है। हालांकि, पंजशीर की जंग से इतर तालिबान का फोकस इस वक्त काबुल में अपनी नई सरकार बनाने पर भी है।