तालिबान का कब्जा होते ही अफगानिस्तान के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घर से बेघर हो गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि तालिबान को पाकिस्तान फंडिंग कर रहा है। सभी इंटरनेशनल सर्विसेस भी अफगानिस्तान में बंद हो चुकी हैं। सोशल मीडिया पर यहां से कई तस्वीरें और वीडियोज सामने आ रहे हैं जो दिल दहला देने वाले हैं।

अब तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा होने के एक हफ्ते बाद मशहूर सिंगर हबीबुल्लाह शाबाब भी तालिबान के डर में जिंदगी बिता रहे हैं। अपनी आवाज से लोगों का मनोरंजन करने वाले हबीबुल्लाह शाबाब गायिकी छोड़कर सब्जी बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि वह अब गाने नहीं गाना चाहते। वह केवल अपने छोटे से बिजनेस पर पूरी तरह ध्यान देना चाहते हैं।

दरअसल, हबीबुल्लाह शाबाब सब्जी बेचने का काम करने लगे हैं, जबसे तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है। बता दें हबीबुल्लाह शाबाब, हेलमेंड के लीडिंग आर्टिस्ट और सिंगर हैं।

इनकी आवाज काफी सुंदर है। उन्होंने हाल ही में दिए इंटरव्यू में यह नहीं बताया है कि आखिर उन्होंने सिंगिंग से बिजनेस की ओर जाने का रास्ता क्यों चुना। लेकिन तालिबान के कब्जे के बाद जिस तरह आर्ट‍िस्ट वहां से भागे हैं। ये साफ है कि अपने हुनर को पीछे छोड़कर लोग बस शांति से जिंदगी बसर करना चाहते हैं।

काबुल पर तालिबान का कब्जा हो चुका है और अब लोग सिंगिंग से बाकी की चीजों पर अपना ध्यान शिफ्ट करने लगे हैं। वहां, सिंगिंग बिजनेस पूरी तरह से ठप होता नजर आ रहा है।

सोशल मीडिया पर लोग बाकी के देशों से उनके लिए दुआ करने की अपील कर रहे हैं। बॉलीवुड सेलेब्स भी इसके चलते लगातार ट्वीट्स कर रहे हैं और काबुल के लिए दुआ मांग रहे हैं।

तालिबान के काबुल (अफगानिस्तान) पर कब्जा करने के बाद से वहां स्थिति ठीक नहीं है। लोग डरे हुए हैं। काफी लोग तो देश छोड़कर चले भी गए हैं। वहां की सबसे बड़ी पॉप स्टार आरियाना सईद ने भी देश छोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने इसके बारे में बताया था।

अब उन्होंने काबुल छोड़ने के वक्त के डरवाने और दर्द भरे अनुभव के बारे में बताया है। उन्होंने रॉयटर्स को कहा, '14 अगस्त को एक कॉल आया था, जिसमें वार्निंग दी गई थी कि तालिबान काबुल पर कब्जा कर रहा। जब तालिबान ने पिछली बार 1996 से 2001 तक सत्ता संभाली थी, तो उन्होंने महिलाओं के काम और स्कूल पर बैन लगा दिया था।'

बता दें कि आरियाना और उनके मंगेतर हसीब सैयद ने कॉमर्शियल फ्लाइट में 15 अगस्त की रिजर्वेशन कराई, जिस दिन तालिबान काबुल में घुसा, अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से हटने के बाद।

आरियाना ने कहा कि भीड़भाड़ वाली कॉमर्शियल फ्लाइट ने कभी उड़ान नहीं भरी। साथ ही अर्याना ने एयरपोर्ट पर गोलियों की आवाज से दहशत के सीन के बारे में बताया। वह और उनके मंगेतर एयरपोर्ट से निकल गए, क्योंकि उन्हें डर था कि तालिबानी फाइटर उन्हें पहचान लेंगे, इसलिए वह काबुल में रिश्तेदारों के पास पहुंचे। अगले दिन, उन्होंने सुना कि तालिबानी फोर्स उनके पड़ोस में घर-घर तलाशी ले रही है।