अफगानिस्तान में तालिबान के लड़ाकों द्वारा राजधानी काबुल पर कब्जा करने और राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़कर भाग जाने के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान में युद्ध समाप्ति की घोषणा कर दी है। काबुल की सड़कों पर सन्नाटा था, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अराजकता और दहशत के दृश्य थे क्योंकि सैकड़ों अफगान देश छोड़ने की जद्दोजहद कर रहे थे।

दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने अल जजीरा को बताया कि समूह अलगाव में नहीं रहना चाहता और अफगानिस्तान में नई सरकार के प्रकार और रूप को जल्द ही स्पष्ट कर दिया जाएगा। नईम ने शांतिपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, अल्लाह का शुक्र है, देश में युद्ध खत्म हो गया है। हम जो चाहते थे, वहां पहुंच गए हैं, जो हमारे देश की आजादी और हमारे लोगों की आजादी है। हम किसी को भी अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं करने देंगे, और हम दूसरों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सोमवार को बाद में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा करेगा। अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान का राजधानी की सडक़ों पर नियंत्रण है। अलजजीरा के पत्रकारों ने कहा, तालिबान का कहना है कि उन्होंने अपनी 1,000 विशेष बलों की इकाइयों को रात में भेज दिया। उनका अब हर चौकी पर नियंत्रण है और अतिरिक्त चौकियों की स्थापना की गई है। मैंने पुलिस वाहनों में दर्जनों तालिबान लड़ाकों को अपने कंधों पर बंदूकों के साथ देखा और अफगान सरकारी वाहनों में गश्त करते देखा। आतंकी समूह के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, काबुल में स्थिति सामान्य है और इसके लड़ाके सुरक्षा प्रदान करने में व्यस्त हैं। एक ट्विटर पोस्ट में मुजाहिद ने यह भी कहा कि तालिबान ने काबुल के विभिन्न हिस्सों में विशेष इकाइयां तैनात की हैं और आम जनता मुजाहिदीन के आगमन से खुश और सुरक्षा से संतुष्ट है।