अफगानिस्तान में आतंकी संगठन तालिबना के खिलाफ अब मुजाहिदीन के पूर्व नेता और जमीयत-ए-इस्लामी पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद इस्माइल खान ने हथियार उठाए है। 70 वर्षीय इस्माइल खान ने अफगानिस्तान के पश्चिम में हेरात प्रांत में अपने सैकड़ों वफादारों को तैनात किया है।

प्रांत के कई जिलों पर कब्जा करते हुए तालिबान अब हेरात शहर के करीब आ गया है लेकिन यहां आतंकी संगठन के लिए कब्जा करना इतना आसान नहीं होगा। इस्माइल खान का कहना है, हम युद्ध के मोर्चे बनाएंगे। हम हेरात शहर को उन लोगों से बचाएंगे जो इसे लूटने आए हैं। हम हेरात को लूटने के उनके सपने को सच नहीं होने देंगे। हम उन्हें हेरात के लोगों पर बुरी नजर नहीं डालने देंगे।

इस्माइल खान हेरात की सुरक्षा करने के साथ-साथ अन्य जिलों को तालिबान के कब्जे से मुक्त कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हेरात शहर के आसपास सुरक्षा बनाए रखने के बाद, सेना का प्रयास प्रांत के अन्य जिलों को तालिबान के कब्जे से मुक्त कराना होगा। इस्माइल खान ने कहा, जल्द ही आप शहर के अलग-अलग हिस्सों और हेरात के जिलों में विद्रोही बलों की मौजूदगी देखेंगे। हेरात में शांति स्थापित करने के बाद हम पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ेंगे।

पिछले 24 घंटों में तालिबान ने इस्लाम कला और तोरघुंडी सीमावर्ती शहरों सहित हेरात प्रांत के आठ जिलों पर कब्जा कर लिया है। हेरात के निवासी फिरोज अहमद ने कहा, 'हम तालिबान को हेरात शहर में कभी दाखिल नहीं होने देंगे। हम लोगों को आश्वस्त करते हैं कि शहर में तालिबान की घुसपैठ नहीं होने दी जाएगी। एक दूसरे निवासी अब्दुल लतीफ ने कहा कि अगर तालिबान ने लड़ने पर जोर दिया तो हम भी हथियार उठाएंगे और अगर वो दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे तो हम भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।