तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा करते हुए अब वहां की संसद पर भी कब्जा कर लिया है। तालिबानी स्पीकर की कुर्सी पर जाकर बैठ गए। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने सोमवार को पड़ोसी अफगानिस्तान में राष्ट्रीय मेलमिलाप का आह्वान किया। आधिकारिक संवाद समिति इरना ने रईसी के हवाले से कहा कि ईरान पहली प्राथमिकता के तौर पर अफगानिस्तान में स्थिरता बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करेगा। उन्होंने ईरान को अफगानिस्तान का “भाई और पड़ोसी राष्ट्र” करार दिया। उन्होंने अमेरिकियों के तेजी से वापसी को “सैन्य विफलता” करार दिया और कहा “जीवन, सुरक्षा और शांति फिर से बहाल करने की दिशा में बढ़ना” चाहिए।

अफगानिस्तान में तालिबान के राज में मीडियाकर्मियों पर ‘पाबंदी’ की स्थिति है। तालिबान की पाबंदियों को रिपोर्टर को झेलना पड़ रहा है। सीएनएन इंटरनेशनल की संवाददाता क्लैरिसा को बुर्का पहनकर काबुल से रिपोर्टिंग करना पड़ रहा है। कल यानी रविवार को वो बिना बुर्के के रिपोर्टिंग कर रही थीं।

चीन ने सोमवार को उम्मीद जताई कि तालिबान अफगानिस्तान में ‘खुले और समग्र’ इस्लामिक सरकार की स्थापना के अपने वादे को निभाएगा और बिना हिंसा और आतंकवाद के शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करेगा। अफगानिस्तान की सरकार गिरने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया जताते हुए चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं से बात करते हुए उम्मीद जताई कि तालिबान सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के वादे को निभाएगा, अफगान नागरिकों और विदेशी राजदूतों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेगा।