अमरुल्लाह सालेह अफगानिस्तान के उप-राष्ट्रपति हैं। इन दिनों वह लगातार ख़बरों में हैं। तालिबान को लेकर लगातार पाकिस्तान के रोल पर सवाल उठाते रहे हैं। 13 अगस्त को सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि तालिबान के डर से अमरुल्लाह तजाकिस्तान भाग गए हैं। इसके बाद पाकिस्तान के लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

अब अमरुल्लाह सालेह के ऑफिस ने उनके तजाकिस्तान जाने वाले रिपोर्ट्स को फेक बताया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमरुल्लाह काबुल में ही हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों को संबंधित करते हुए कहा है कि अफगान लोग तालिबान के प्रभुत्व को स्वीकार नहीं करेंगे। अफगानिस्तान के लोग अंत तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा है कि वह अफगान लोगों के अधिकारों की रक्षा करेंगे और स्थिति को बदलने के लिए काम करेंगे। 

कई लोगों ने ट्विटर पर लिखा है कि ऐसे माहौल में, जब अफगानिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं तो कृपया अफवाह न फैलाएं। क्योंकि ऐसे तनावपूर्ण माहौल में इस तरह के अफवाहों से लोग घबराते हैं।

बता दें कि तालिबान ने 160 से अधिक जिलों और 10 से अधिक प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि 10 प्रांतीय राजधानियों को सीधे तौर पर तालिबान से खतरा है। तालिबान ने अफगानिस्तान के दूसरे बड़े शहर कंधार पर भी कब्जा कर लिया है।