अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद से देश में तालिबान का कब्जा तेजी से बढ़ रहा है। इसी के साथ ही अफगान सुरक्षा बल भी तालिबान का डटकर मुकाबला कर रहा है। अफगान सेना ने शुक्रवार रात को फरयाब प्रांत के बाहरी इलाकों में तालिबानियों को निशाना बनाया। इस हमले में एक कमांडर समेत 27 आतंकियों की मौत हो गई।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। मंत्रालय ने ट्वीट किया, अफगानिस्तान नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोर्स ने फरयाब प्रांत के बाहरी इलाकों में तालिबानियों को निशाना बनाया। इसमें एक कमांडर, एक पाकिस्तानी समेत 27 तालिबानी आतंकी मारे गए। वहीं, इस हमले में 16 आतंकी घायल हो गए। इस दौरान आतंकियों के हथियार भी नष्ट हो गए।

अफगान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान से डटकर मुकाबला करने का फैसला किया है। कयास लगाए जा रहे थे कि तालिबान के बढ़ते वर्चस्व के बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, सरकार के सूत्रों ने साफ कर दिया कि वे इस्तीफा नहीं देंगे।

गनी लंबे समय से तालिबान के सामने डट कर मुकाबला करते रहे हैं और तालिबानी लड़ाकों को भगाने की रणनीति तैयार करते रहे हैं। तालिबान की कई मांगों में से एक मांग अशरफ गनी को पद से हटाए जाने की भी रही है। वहीं, पाकिस्तान भी अशरफ गनी के पद से हटाए जाने का समर्थक रहा है।

अफगानिस्तान में तालिबान हर बीतते दिन के साथ और मजबूत होता जा रहा है। तालिबान के लड़ाके कई बड़े शहरों को अपने कब्जे में ले चुके हैं। इसके अलावा, सरकार के कई अधिकारियों को भी तालिबान ने अपने कब्जे में लिया है। अफगान के कंधार, गजनी, हेरात, हेरात आदि पर अब पूरी तरह से तालिबान की पकड़ हो गई है। कम से कम 12 प्रांत अब तालिबान के कब्जे में हो गए हैं।