अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट के पास भारी संख्या में लोग अपनी आजादी की मांग के लिए तालिबान के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू किया। लोगों ने तालिबान विरोधी नारे लगाए और अफगानिस्तान का झंडा भी लहराया। लोगों ने तालिबान के कहने पर नहीं हटे तो तालिबानियों लड़ाकों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए गोलियां चलाई। जब गोलियों चलाने के बावजूद लोग नहीं हटे तो अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया।


इस फायरिंग सैंकड़ों अपनी आजादी की जंग में शहीद हो गए। अफगान की सड़कों पर लाशें ही लाशें बिछ गई है। जानकारी मिली है कि खोस्त प्रांत में आम लोगों के प्रदर्शन के बाद तालिबान ने 24 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया है। तालिबान के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों में सबसे आगे अफगानी महिलाएं हैं, जो क्रूर शासन से आजादी की मांग कर रही हैं। प्रांत असादाबाद में स्वतंत्रता दिवस रैली में राष्ट्रीय ध्वज लहराने पर तालिबान के आतंकियों ने भीड़ पर गोली चलाई।

गोली चलाई गई तो लोग दहशत में आ गए और भगदड़ मच गई।  इससे पहले भी तालिबान ने गोली मारकर कुछ लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले 17 अगस्त को काबुल में भी महिलाओं ने तालिबान के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पहले काबुल, फिर असदाबाद और फिर कई अन्य शहर में प्रदर्शन दर्शाता है कि अफगान के लोग तालिबान के शासन के खिलाफ खामोश रहने के मूड में कतई नहीं हैं।