शब-ए-बरात, जुमा (शुक्रवार) और एक ही दिन पड़ने वाली होली को देखते हुए इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के सुन्नी मौलवी मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली ने मुसलमानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। मुसलमानों से दिन में सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए, उन्हें सलाह दी है कि अपने पड़ोस की मस्जिदों में ही जुमे की नमाज अदा करें।

ये भी पढ़ेंः हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, धर्म और हिसाब का बताया कनेक्शन


उन्होंने मुसलमानों से शब-ए-बारात की रस्म के तहत शाम 5 बजे के बाद ही कब्रिस्तानों में जाने का आग्रह किया। मौलवी ने कहा कि चार साल पहले, इसी तरह की स्थिति तब हुई थी जब होली और शब-ए-बारात एक ही दिनथी। हमने उस दिन भी शांति और सद्भाव बनाए रखा था और सभी धर्मों और भावनाओं का सम्मान करते हुए इस साल भी ऐसा करना जारी रखेंगे। एडवाइजरी में मस्जिदों से जुमा (शुक्रवार) की नमाज का समय उन जगहों पर आधे घंटे पीछे करने को कहा गया है जहां नमाज का समय दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच है।

ये भी पढ़ेंः होली पर सरकार का बड़ा तोहफा! लोगों को फ्री मिलेगा LPG सिलेंडर, जानिए कैसे


मौलाना खालिद राशिद ने कहा कि लोग शब-ए-बारात पर अपने पूर्वजों की कब्रों पर अपनी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने जाते हैं। उन्हें इस साल शाम 5 बजे के बाद ही ऐसा करना चाहिए क्योंकि पूरे दिन होली मनाई जाएगी। जुमा मस्जिद ईदगाह में नमाज दोपहर 12.45 बजे के बजाय, 2 बजे होगी।