गुवाहाटी : असम के उद्योग व वाणिज्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने सदन में कहा कि एडवांटेज असम राज्य में पहली बार के लिए आयोजित किया गया था। इस पहली बार से ही सौ फीसदी निवेश की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। गुजरात में सातवीं बार के लिए वाईब्रेंट गुजरात का आयोजन हुआ। इसमें चार लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आए, लेकिन पहले के वाईब्रेंट गुजरात में सिर्फ 1000 करोड़ के ही प्रस्ताव आए थे।

अगप के विधायक पवींद्र डेका के प्रश्नोत्तरकाल में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि एडवांटेज असम में 207 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद 34 निवेशकर्ताओं ने असम में निवेश की इच्छा जताते हुए उद्योग व वाणिज्य विभाग को प्रस्ताव दिया है।

मंत्री ने कहा कि कुल 79 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए थे। टाटा और अडानी ने अलग से 20 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया था। हमने राज्य में औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए ही एडवांटेज असम का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि राज्य में गैस का संकट है। जमीन की समस्या है। गैस के संकट को दूर करने के लिए बरौनी से गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पर 4000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले डेढ़ साल में यह बनकर तैयार हो जाएगी।

भाजपा के विधायक संजय किशन ने कहा कि तिनसुकिया के प्लास्टिक पार्क में एक भी उद्योग नहीं लगा है। भाजपा के विधायक अतुल बोरा ने कहा कि एक के बाद एक उद्योग बंद हो रहा है। एडवांटेज असम में जितने पैसे खर्च किए गए, उससे कई चाय फैक्ट्रियां लगाकर युवकों को रोजगार दिया जा सकता था। एडवाटेंज असम के बाद जितने उद्यमियों ने निवेश की इच्छा जताई थी उसमें से बेहद ही कम अब तक निवेश के लिए आए हैं।