अब हर घर में जलेगा चूल्हा जी हां असम में पहली बार वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें असम मालामाल हो गया है यहीं नहीं इस इन्वेस्टमेंट से ना सिर्फ असम बल्कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों के लोगों को फायदा होगा।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की पांच तेल एवं गैस कंपनियां असम में छह हजार करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च से 15 सौ किलोमीटर गैस पाइपलाइन बिछायेगी. इस काम के लिए एक संयुक्त कंपनी बनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि ये पाइपलाइन पूर्वोत्तर राज्यों को आपूर्ति के लिए गुवाहाटी से नुमालीगढ़ होते हुए तिनसुकिया तक बिछायी जायेगी. पांच सार्वजनिक कंपनियां ओएनजीसी, ऑयल इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन, नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड और गेल मिलकर इस काम को करेंगी।
प्रधान ने कहा कि पाइपलाइन असम में गुवाहाटी, नुमालीगढ़ और तिनसुकिया को जोड़ेगी तथा इससे अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा को गैस की आपूर्ति की जायेगी. इससे असम सही मायनों में फायदा पहुंचाने वाला हो जायेगा. उन्होंने कहा कि पहले राज्य के लोग शिकायत करते थे कि तेल एवं गैस यहां मिलता हैश् लेकिन इसका फायदा यहां नहीं होता है। अब केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ मिलकर इस परिदृश्य को बदलने का निर्णय लिया है इसके बाबत गेल ने असम सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान इसे लेकर और भी करार होने हैं।


इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तेल एवं गैस कंपनी ओएनजीसी ने राज्य में 13,000 करोड़ रुपये तथा आयल इंडिया लि. ने 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प जताया। निजी कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में 2,500 करोड़ रुपये निवेश का संकल्प जताया। वहीं टाटा ट्रस्ट ने कैंसर देखभाल कार्यक्रम के असम सरकार के साथ मिलकर क्रियान्वयन को लेकर 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प जताया। इस कार्यक्रम को अगले साल से राज्य के 15 जिलों के 17 केंद्रों पर चलाया जाएगा।