पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव जीतने के सारे हथकंडे अपनाने और धनबल से लेकर जांच एजेंसियां की मदद लेने के बाद भी चुनाव हार गयी। बनर्जी ने कहा, 'सब कुछ होने के बाद भी भाजपा चुनाव हार गयी। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा, इससे पहले वह झारखंड और महाराष्ट्र में भी चुनाव हार चुके हैं।'


पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, 'भाजपा की नीतियां लोगों को नुकसान पहुंचा रही हैं। अर्थव्यवस्था बुरे दौर में है। फैक्टरियां बंद हो रही हैं। एयर इंडिया, बीएसएनएल, बर्न स्टैंडर्ड का निजीकरण हो रहा है। रेलवे में भी निजीकरण की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र ने हमें बजट में कुछ नहीं दिया। उनके हम पर एक लाख करोड़ बकाया है।'


उन्होंने पूछा, 'आप में से अधिकतर लोगों ने लोकसभा चुनावों में भाजपा को वोट दिया था लेकिन बदले में भाजपा ने आपको क्या दिया? नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लोगों के अधिकार छीनने वाला है। आपको अपनी नागरिकता साबित करने के लिये अपने बाप-दादा की नागरिकता साबित करनी होगी। यह कैसा कानून है?'


बनर्जी ने कहा, 'वहीं दूसरी ओर हम लोगों के लिये काम करते हैं। हमारे कार्यकर्ता जमीन पर अथक प्रयास करते हैं। अपने आप को लोगों से संपर्क कार्यक्रम में जोड़ते हैं। मैं इस तरह से बूथ लेवल कार्यक्रमों को करने वालों का सम्मान करती हूं। मैं उन कार्यकर्ताओं का भी हिसाब रखती हूं जो केवल अपने हितों के लिये काम करते हैं। मैं हमेशा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती हूं कि लोगों को अच्छी सेवाएं मिले।'


तृणमूल प्रमुख ने कहा, 'दीदी के बोलो' कार्यक्रम से मैंने लोगों की 70 से 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया है।' उन्होंने कहा, 'माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने लोकसभा चुनावों में अपना वोट भाजपा को स्थानांतरित कर दिया यह सोचकर कि भाजपा बाद में माकपा को सीटें दिलाने में मदद करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और लोगों ने तृणमूल पर भरोसा जताया।' बनर्जी ने कहा, 'हमारी सरकार ने सभी के लिये भोजन सुनिश्चित किया है। चावल दो रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है। बंकुरा जिले के जंगलमहल में काफी विकास कार्य हुए हैं।'