मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में राज्य मत्स्य पालन विभाग के घरे-घरे पुखरी, घरे-घरे माछ योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर सोनोवाल ने अपने उद्गार में इस योजना के लाभार्थियों से अपील की कि वे मछली पालन के लिए अत्याधुनिक वैज्ञानिक तरीके को अपनाएं।

उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में ब्रह्मपुत्र तथा इसकी सहायक नदियों के साथ अन्य जल निकायों में मछली पालन की प्रचुर संभावनाएं हैं। इसलिए स्थानीय कृषक मत्स्य पालन द्वारा अपनी आत्मनिर्भरता को मजबूत कर सकते हैं।


सोनोवाल ने इस योजना के तहत कृषकों के लाभ एवं राजस्व में वृद्धि के संदर्भ में चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की मुद्रा योजना कृषि सिंचाई योजना फसल बीमा योजना आदि की तर्ज पर ही असम में घरे-घरे पुखरी, घरे-घरे माछ योजना का शुभारंभ किया है।

उन्होंने इस दिशा में मत्स्य पालन विभाग की इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जनसहयोग को जरुरी बताया। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने राज्य के हर समुदाय के चहुंमुखी विकास के लिए सरकार द्वारा भविष्य के लिए तैयार की गई योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की ।


उल्लेखनीय है कि इस योजना का समुचित क्रियान्वयन नाबार्ड द्वारा प्रदत्त ऋण एवं मुख्यमंत्री के समग्र ग्राम्य उन्नयन योजना के तहत वित्तीय सहयोग से किया जाना प्रस्तावित है। इ

स समारोह में गुवाहाटी की सांसद विजया चक्रवर्ती तथा असम मत्स्य पालन विकास निगम के चेयरमैन रमाकांत देवरी सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कुंहीपात नामक स्मारिका का भी विमोचन किया।