असम में एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार सुबह से ही भगदड़ जैसा माहौल रहा। एक के बाद एक नेता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचने लगे। जिसके बाद सोनिया गांधी के घर पार्टी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें एनआरसी की अंतिम सूची पर चर्चा की गई।


बैठक के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता अधिर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को संसद में भी एनआरसी लागू करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असम में इस मुद्दे को संभालने में असफल रही है। सोनिया गांधी के साथ हुई बैठक के बारे में चौधरी ने कहा कि एनआरसी की लिस्ट पर कोई भी वास्तविक नागरिकों को नहीं निकाला जाए और सभी को सुरक्षा दी जाए।

उन्होंने कहा कि बैठक में एनआरसी के मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई है। अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए  कहा कि सरकार असम में इस मुद्दे को संभालने में असफल रही है। मनोज तिवारी के दिल्ली में एनआरसी वाले बयान पर उन्होंने कहा कि देश उनका है, सरकार उनकी है वे जाहां चाहें वहां एनआरसी लागू करे।वह असम एनआरसी को संभालने में सक्षम नहीं थे और अब इसे अन्य राज्यों में भी ले जा सकते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को संसद में भी एनआरसी लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं भी एक बाहरी व्यक्ति हूं क्योंकि मेरे पिता बांग्लादेश में रहते थे। कांग्रेस की बैठक में अंतरिम पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गौरव गोगोई सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चौधरी ने कहा कि एनआरसी की लिस्ट पर कोई भी जेनविन सिटीजन को ना निकाला जाए और सबकों सुरक्षा दी जाए। हमारी यही दो मांगे हैं।