लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी (mamta benarjee) ने अपने भतीजे को बचाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को किया वादा तोड़ दिया है। चौधरी ने कहा कि पहले बनर्जी ने श्रीमती गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि सारे विपक्ष को एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराना है, लेकिन कुछ ही दिन बाद जब उनके भतीजे को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (ED) ने पूछताछ के लिए बुलाया तो उनके स्वर बदल गए। 

उन्होंने कहा कि ईडी ने जैसे ही उनके भतीजे को पूछताछ के लिए बुलाया तो तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के स्वर बदल गए। वह समझ गई थी की भतीजे को ईडी का समन मिलने के बाद अगर वह श्रीमती गांधी से मिलती तो मोदी उनके भतीजे के खिलाफ कार्रवाई कराते और इसी डर से उन्होंने मोदी के इशारों पर काम करना शुरू किया। मेघालय में 12 कांग्रेस विधायकों (Meghalaya congress MLA) के तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल होने संबंधी खबरों पर उन्होंने कहा की बनर्जी में यदि सचमुच ताकत हैं तो उन्हें अपने पार्टी के टिकट पर जीत दिलाकर इन विधायकों को विधानसभा में भेजना चाहिए। 

आपको बता दें कि मेघालय में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी (mamta benarjee) की अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) (TMC) ने बुधवार देर रात दावा किया कि राज्य में कांग्रेस के 18 में से 12 विधायकों ने पार्टी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस छोड़ने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा (Mukul Sangma) का नाम भी शामिल है। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के चंद घंटों बाद ही सामने आया है। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि इसी के साथ मेघालय में अब टीएमसी मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी विधायकों ने शिलॉन्ग में टीएमसी की सदस्यता ली है। इस बीच कांग्रेस विधायक एच एम शांगप्लियांग ने राज्य में पार्टी के 12 विधायकों के टीएमसी में शामिल होने की बात कही।