नागरिकता बिल राज्यसभा में पारित नहीं हो पाने से पूर्वोत्तर में खुशी की लहर है। लोगों ने इस बिल के लिए राज्य में जमकर विरोध किया था। आखिरकार इनके विरोध करने और बिल को रद्द करने के पीछे की मेहनत का फल पा लिया है। पूर्वोत्तर के लोगों ने इसकी खुशी मिठाईयां बांटकर और फटाके फोड़कर जाहिर की, साथ ही लोगों ने इस मौके पर विजयरैली भी निकाली।

इसी मौके पर खासी छात्र संघ(केएसयू) द्वारा विक्ट्री रैली, का आयोजन किया था लेकिन इस रैली के दौरान कुछ लोगोें ने पत्थरबाजी भी की। जिससे बाजार की दुकानों के कई कीमती सामान और दुकानों पर लगे शीशे टुट गए और कुछ लोग घायल भी हो गए। जिससे नाराज लोगों ने रैली में शामिल कुछ उत्पाती लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही की मांग की है।

इस मामले में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने लोगों को आश्वासन दिया है कि केएसयू द्वारा आयोजित विक्ट्री रैली पर पत्थरबाजी मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाएगी। संगमा ने कहा कि उस दिन जो भी हुआ उस पर हम कड़ी निंदा करते हैं और यह घटना एक बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण थी।

वैसे तो यह एक बहुत ही छोटी सी घटना थी लेकिन राज्य में ऐसी घटनाओं कोे भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमले में शामिल आरोपियों की पहचान हो गई है। इस हमले में शरणार्थी और पुनर्वास कॉलोनी से परिन्द दास और शेख फरमान पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया था। सोनोवाल ने कहा कि हम नागरिकों का ख्याल रखते हैं।

सरकार मामलों को धैर्य से संभालती है, लेकिन इसका इसका मतलब ये नहीं कि कोई भी कानून हाथ में ले लेगा। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और बाकी अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश कर रही है। मामले की उच्च स्तरीय जांच के सवाल पर सोनोवाल ने कहा कि मैंने पुलिस महानिदेशक से खुद बात की है और उन्हें कार्रवाही करने के लिए कहा है।