फोर्ब्स की एनुअल रिचेस्ट लिस्ट के एनालिसिस में सामने आया है कि देश में अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2010 से अब तक देश में हर 33वें दिन एक भारतीय अरबपति बना है। यही नहीं, पिछले 20 साल के दौरान दुनिया के अरबपतियों में भारतीयों की हिस्सेदारी एक से बढ़कर पांच फीसदी हो गई है। यह एनालिसिस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म अहमदॉफ एंड कंपनी ने किया है। लिस्ट में 2017 तक 101 भारतीय अरबपतियों ने जगह बनाई है। 101 में से 70 अपने दम पर अरबपति बने, जबकि 31 पारिवारिक संपत्ति से बने।

हालांकि, इस लिस्ट में महिलाओं की संख्या काफी कम है। 4 महिलाएं ऐसी हैं जो अरबपति बन पाई हैं। इनमें से तीन अपनी पारिवारिक संपत्ति और एक अपने दम पर अरबपति बन पाई हैं। अरबपतियों की लिस्ट में रिलायंस ग्रुप के मालिक मुकेश अंबानी सबसे ऊपर हैं। इसके बाद लक्षमी मित्तल और अजीम प्रेमजी भी टॉप 4 में हैं।

अगर भारत के अरबपति देखे जाए तो मुकेश अंबानी 23.2 अरब डॉलर के साथ टॉप पर हैं। फिर लक्ष्मी मित्तल (16.4) हिंदुजा फैमिली (15.4), अजीम प्रेमजी (14.9) और पालोनी मिस्त्री (14.9) के साथ टॉप 5 में हैं। हेल्थ और फार्मेसी इंडस्ट्री ने पिछले सात साल में भारत को सबसे ज्यादा अरबपति दिए हैं।