सर्दियों के इस मौसम में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली लगभग सभी कंपनियां प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ा रही हैं। कुछ ने बढ़ा दिए हैं और कुछ की तैयारी है। अप्रैल 2022 आते-आते एसी, फ्रीज और वॉशिंग मशीन के दाम में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव है। कंपनियों ने इसके लिए कच्चे माल की महंगाई को जिम्मेदार बताया है।

नए साल पर लोगों को महंगाई की सौगात मिल रही है। पहले खाने-पीने के सामान महंगे हुए, लेकिन अब एयर कंडीशनर और फ्रीज के दाम में भी तेजी (Prices of AC and freeze) देखी जा रही है। इस तरह के बिजली के सामान बनाने वाली कंपनियों ने कच्चे माल की महंगाई का रोना रोया है, जिसके चलते एसी और फ्रीज के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वॉशिंग मशीन की कीमतें जनवरी अंत में या मार्च तक 5-10 परसेंट तक बढ़ सकती हैं।

एसी और फ्रीज बनाने वाली कंपनियों जैसे कि पैनासोनिक, एलजी, हायर ने अपने सामान की कीमतें बढ़ा दी हैं। दूसरी ओर, सोनी, हिटैची, गोदरेज अप्लायंसेस जैसी कंपनियां इस तिमाही के अंत तक (मार्च अंत तक) दाम बढ़ा सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CEAMA) ने बताया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंस बनाने वाली कंपनियां जनवरी से मार्च के बीच 5.7 परसेंट तक रेट बढ़ाएंगी। कुछ कंपनियों ने जबकि पहले ही दाम बढ़ा दिए हैं।

हायर अप्लायंसेस इंडिया के अध्यक्ष सतीश ने कहा कि कमोडिटी, विदेशों से सामान की ढुलाई और कच्चे माल का खर्च बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक सामान के दाम में तेजी देखी जा रही है। हायर कंपनी ने फ्रीज, वॉशिंग मशीन और एयर कंडीशनर के दाम में 3-5 परसेंट तक बढ़ोतरी (Prices of AC and freeze) की है। पैनासोनिक ने अपने एसी के दाम में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की है और बहुत जल्द और दाम बढ़ाए जाने की तैयारी है। पैनासोनिक होम अप्लायंसेस के दाम भी बढ़ाने पर विचार कर रही है।

पैनासोनिक इंडिया के डिविजनल डायरेक्टर (कंज्यूमर्स इलेक्ट्रॉनिक्स) फुमियासू फुजिमोरी कहते हैं, एसी के दाम लगभग 8 फीसदी तक बढ़ गए हैं, आगे इसमें और भी वृद्धि (price rise) की जा सकती है। दाम में बढ़ोतरी कमोडिटी की कीमतें बढ़ने और सप्लाई चेन की महंगाई पर निर्भर करेगी। बहुत जल्द होम अप्लायंस से जुड़े सामान के दाम भी बढ़ाए जाएंगे। दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एलजी ने होम अप्लायंस कैटेगरी में दाम बढ़ाए हैं। एलजी ने कहा है कि कच्चे माल की महंगाई और ढुलाई की महंगाई को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान महंगे करने पड़े हैं। एलजी के बिजनेस वाइस प्रेसिडेंट दीपक बंसल कहते हैं कि दाम बढ़ाने का विचार नहीं था, लेकिन टिकाऊ कारोबार के लिए यह जरूरी हो गया है।

हिटैची के एसी इंडिया चेयरमैन और एमडी गुरमीत सिंह भी ऐसा ही विचार रखते हैं। वे कहते हैं, अप्रैल तक उनका ब्रांड में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी क्योंकि कच्चे माल और ढुलाई का खर्च बढ़ने से लागत बढ़ गई है। वे बताते हैं कि चरणबद्ध तरीके से अप्रैल तक इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान में 8-10 परसेंट तक तेजी देखी जाएगी। पिछले साल दिसंबर में भी 6-7 फीसदी रेट बढ़ाए गए थे। वजह के बारे में गुरमीत सिंह कहते हैं कि एल्युमिनियम और रेफ्रीजरेंट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने से इलेक्ट्रॉनिक के सामान 2-3 फीसदी तक महंगे हो जाएंगे।

अभी अगर दाम बढ़ रहे हैं तो हो सकता है कि भविष्य में घट भी जाएं क्योंकि यह सबकुछ डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करेगा। अगर इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की मांग घटती है और कच्चे माल के दाम गिरते हैं तो कई सामानों के दाम अप्रैल-मई तक घट सकते हैं। सोनी और गोदरेज जैसी कंपनियों को उम्मीद है कि विश्व बाजार में कमोडिटी के दाम स्थिर होंगे, कच्चे माल की कीमतें गिरेंगी और सामान सस्ते होंगे, तो उपभोक्ताओं की मांग बढ़ेगी। लेकिन कोरोना (omicron) में आगे क्या स्थिति रहने वाली है, अभी भविष्य की बात है।