आम आदमी पार्टी (आप) (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने शनिवार को प्रयागराज पीड़ितों के परिवार से बात नहीं करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार (yogi adityanath government) पर निशाना साधा और उन पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।

प्रयागराज की घटना पर सिंह ने एक ऑडियो संदेश में कहा, 24 नवंबर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जो कुछ भी हुआ वह हाथरस की घटना से भी अधिक भीषण है। यह शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने शोक संतप्त परिवार से बात नहीं की है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार जातिगत भेदभाव करती है और उसका समर्थन करती है। अनुसूचित जाति के एक परिवार के चार सदस्य - एक व्यक्ति (50), उसकी पत्नी (45), उनकी बेटी (16) और बोलने में अक्षम पुत्र (10) - की 25 नवंबर को उनके घर पर हत्या कर दी गई थी।

परिवार के सदस्यों ने आशंका जताई है कि लड़की की मौत से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया होगा। उन्होंने एक पड़ोसी उच्च जाति के परिवार पर इस भीषण अपराध का आरोप लगाया है। आप नेता ने कहा, यह जघन्य अपराध ऐसे समय में हुआ है, जब भाजपा पूरे देश में संविधान दिवस मना रही है। अगर पार्टी ने संविधान के मूल्यों को गंभीरता से लिया होता, तो समाज के सबसे वंचित वर्ग के अंतिम व्यक्ति को इतनी मुश्किल घड़ी का सामना नहीं करना पड़ता। सिंह (Sanjay Singh) ने कहा, मैं उनके पूरे परिवार से मिला। मृतक का भाई सेना में सेवा करता है। वह देश की सेवा कर रहा है। यहां तक कि उनकी पत्नी ने भी कहा कि वह वहां असुरक्षित महसूस करती है। यह सब पुलिस की लापरवाही और योगी आदित्यनाथ के शासन में गुंडाराज के कारण हुआ है। 

उन्होंने कहा, इस परिवार को 2019 से उनके पड़ोसियों द्वारा परेशान किया जा रहा था। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी मदद नहीं की। उन्होंने कहा, 2020 में, वे फिर से मदद के लिए पुलिस के पास गए, लेकिन अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और 24 नवंबर को, उन्हें इतनी वीभत्स तरीके से मार दिया गया। हंगामे के बाद, पुलिस ने 11 नामजद लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या सहित कई आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है, जिनमें से अब तक आठ को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, परिवार पर हमला करने के लिए किसी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया होगा, क्योंकि उनके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। लडक़ी का शव घर के अंदर एक कमरे में मिला था, जबकि अन्य तीन शव आंगन में एक साथ मिले थे। प्रयागराज पुलिस प्रमुख ने मीडिया को बताया, कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी।