अमृतसर। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Aam Aadmi Party (AAP) national convener Arvind Kejriwal) ने ऐलान किया है कि पंजाब में आप की सरकार बनने पर सभी सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री और नेताओं की जगह संविधान निमार्ता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर (Babasaheb Dr. Bhimrao Ambedkar) और शहीद-ए-आजम भगत सिंह (Shaheed-e-Azam Bhagat Singh) की तस्वीर लगेगी।

रविवार को अमृतसर में आप के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान (Bhagwant Maan) के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बाबा साहब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह के सिद्धांतों और आदर्शों पर चलेगी एवं उनके उनके सपनों को पूरा करेगी।

केजरीवाल ने कहा, 'लम्बे संघर्ष और बड़ी कुर्बानियों के बाद देश को आजादी मिली। हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान कुर्बान कर देश को आजाद कराया। लेकिन आज हम उनके उद्देश्यों और कुर्बानियों को भूलते जा रहे हैं। उनके आदर्शों और सिद्दांतों से दूर होते जा रहे हैं। देश के दो बड़े महान स्वतंत्रता सेनानी बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की कुबार्नी, सिद्धांतों और आदर्शों को याद रखने के लिए हमने 26 जनवरी को दिल्ली में ऐलान किया था कि दिल्ली के सभी सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री और नेताओं की जगह बाबा साहब अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीर लगेगी। पंजाब में भी आप सरकार सभी सरकारी दफ्तरों से मुख्यमंत्री की तस्वीर हटाकर बाबा साहब और शहीद भगत सिंह की तस्वीर लगाएगी, ताकि लोग जितनी बार उन्हें देखे, उन्हें उनकी संघर्ष, कुबार्नी और विचार याद आए और वे उनके बताए रास्ते पर चलने को प्रेरित हो सकें।'

केजरीवाल ने कहा, 'मैं बाबा साहब का बहुत बड़ा भक्त हूं। उनकी रोज पूजा करता हूं। उनके जीवन से हमें बहुत प्रेरणा मिलती है। एक गरीब परिवार में जन्म होने के बावजूद उन्होंने अमेरिका से दो-दो पीएचडी की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने दिव्य ज्ञान, सोच और दूर²ष्टि की बदौलत भारत का संविधान बनाया और देश के लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार दिलाया। बाबा साहब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह दोनों के रास्ते अलग-अलग थे, लेकिन उनकी मंजिल एक थी। दोनों की इच्छा थी कि देश जल्द से जल्द आजाद हो और आजाद देश में सबको अच्छी शिक्षा मिले, अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिले और देश तरक्की करे। दोनों की इच्छा थी कि समाज में सबको बराबरी का हक मिले और जाति-धर्म के आधार पर भेदभाव खत्म हो। उनके सपने आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। उनके सपनों का देश बनाने के लिए हमें आज उनके आदर्शों पर सिद्धांतों पर चलने की जरूरत है।'