राजस्व विभाग ने असम, जम्मू कश्मीर और मेघालय तथा 80 साल से ऊपर के नागरिकों के लिये पैन कार्ड प्राप्त करने तथा कर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार संख्या उपलब्ध कराने की अनिवार्यता से छूट दी है।

सरकार ने इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना ऐसे समय आयी है जब उच्चतम न्यायालय में पैन (स्थायी खाता संख्या) तथा आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार के उपयोग की अनिवार्यता को दी गई चुनौती लंबित है।

शीर्ष अदालत ने आधार को अनिवार्य किए जाने के लिए आयकर कानून में प्रावधान की संवैधानिक बाध्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में वैसे लोगों को छूट दी गई है जिनके पास आधार संख्या या पंजीकरण आईडी नहीं है और जो असम, जम्मू कश्मीर और मेघालय में रहते हैं।

यह छूट 80 साल से अधिक उम्र के लोगों और प्रवासी भारतीयों को भी दी गई है। एक जुलाई 2017 से पैन के आवेदन हेतु आधार को अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने अबतक 1.18 करोड़ आधार को पैन से जोड़ा है।