संजय गांधी जैविक उद्यान को एक जोड़ा हुलॉक गिब्बन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू की पहल पर अनुमति मिल गयी है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एक जोड़ा हुलॉक गिब्बन उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके साथ टेलीफोन पर भी उनसे आग्रह किया था।


अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर चिड़ियाघर ने एक जोड़ा हुलॉक गिब्बन देने की स्वीकृति दे दी है। इसके बदले में एक-एक जोड़ा स्पॉटेड डीयर, ब्लैक बक और मोर ईटानगर भेजे जाएंगे। संजय गांधी जैविक उद्यान प्रशासन ने वन्य प्राणियों की अदला-बदली के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेज दिया है।

हुलॉक गिब्बन को चिंपैंजी केज और सांपघर केज के बीच वाले भाग में रखा जाएगा। नन्हे घड़ियाल के केज को वहां से हटाया जाएगा। केज निर्माण की योजना बनने लगी है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। उसके बाद अरुणाचल प्रदेश से गिब्बन आएगा।


हुलॉक गिब्बन लुप्त प्राय प्रजाति है। इसकी लंबी बांह होती है। तेजी से पेड़ों पर छलांग लगाता है। रंग काला, भूरा और श्वेत मिश्रण होता है। पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण-पूर्व चीन, पूर्वी बंगलादेश और वर्मा में पाया जाता है।
हुलॉक गिब्बन काफी आकर्षक होता है। यह पटना जू के दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। बंदर प्रजाति के चिंपैंजी, लंगूर और कई प्रकार के बंदर उद्यान में हैं।