सुशीला देवी पाटोदी शारीरिक रूप से चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। वह ठीक से बोल भी नहीं पाती हैं, लेकिन अभी भी मतदान करने का जज्बा है। सुशीला के पति प्रकाश पाटोदी ने बताया कि आज सुबह से ही उनकी आंखों में अलग चमक थी। वह वोट देना चाहती थी, लेकिन उनकी आंखों की भाषा को कोई समझ नहीं पा रहा था।

उन्होंने इसी कारण खाना-नाश्ता भी छोड़ दिया। उनकी इस चाहत को उनकी पुत्रवधू प्रियंका पाटोदी ने समझा और वह उन्हें मतदान केंद्र पर ले गई और वोट दिलाया। वोट देने के बाद ही वह शांत हुई और उनकी आंखों में विजेता की चमक देखने मिली और वोट देने के बाद ही वह खाना खाई। असम की पांच सीटों के लिए कल मतदान हुआ है। आप को बता दे की पहले चरण की चुनाव में पांच सीटों पर 11 अप्रैल को मतदान हुआ था वहीं 23 अ्प्रैल को बाकी के बचे चार सीटों पर चुनाव होगा ।