बिहार में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है। इसके तहत जल्द ही सूबे में एक हजार बेड वाले अस्थायी अस्पताल का निर्माण होगा। जमीन का सर्वे करने के लिए केंद्र सरकार ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को जिम्मा दिया है। 

शनिवार को दिल्‍ली से आई डीआरडीओ की तीन सदस्यीय टीम ने चक्कर मैदान और झपहां स्थित सीआरपीएफ की जमीन का सर्वे किया। जमीन का जायजा लिया। टीम ने फोटो व वीडियो भी बनाया। इसके बाद टीम पटना लौट गई।

रविवार को टीम पटना के दानापुर, रेलवे और अन्य केंद्रीय संगठन की खाली पड़ी जमीन का सर्वे करेगी। सर्वे के संबंध में मिलिट्री स्टेशन हेडक्वार्टर के सीओ लेफ्ट, कर्नल पीएस नाइक ने पुष्टि की है। बताया कि टीम के साथ सर्वे के दौरान वे भी मौजूद थे। चक्कर मैदान में टीम करीब 15 मिनट तक रुकी। इसके बाद झपहां स्थित सीआरपीएफ के सेक्टर मुख्यालय के लिए रवाना हो गई।

चक्कर मैदान में सर्वे के दौरान जब टीम पहुंची तो जलजमाव देखकर अचंभित रह गई। मैदान में घुटने तक  पानी था। सीआरपीएफ मैदान में भी जलजमाव मिला।

सूत्रों की मानें तो जलजमाव के बीच अस्थायी अस्पताल बनाना डीआरडीओ के लिए मुश्किल है। केंद्रीय सरकार की पहल पर दिल्‍ली में डीआरडीओ ने 1000 बेड वाला अस्पताल का निर्माण किया है। वहां सिर्फ कोरोना मरीज का इलाज हो रहा है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार ने बिहार में भी कोरोना के इलाज के लिए बड़े अस्पताल का निर्माण कराने का निर्णय लिया है।