असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने गुवाहाटी के असम जातीय विद्यालय में नौवी के छात्र कौस्तव बी आर्य का चयन दो अंतरराष्ट्रीय साइन्स मिट के लिए होने पर खुशी व्यक्त की है।


अपने ट्वीट में सोनोेवाल ने लिखा, असम जातीय विद्यालय में नौवी के छात्र कौस्तव बी आर्य का चयन विश्वस्तर पर दो अंतरराष्ट्रीय साइन्स मिट के लिए होने के बारे में जानकर खुशी हुई। युवा वैज्ञानिक के प्रतिक्षाशाली सफर के लिए मेरी शुभकामनाएं।


नलबाड़ी के बाहजानी निवासी तथा गुवाहाटी चिकित्सा महाविद्यालय के स्नायुरोग विभाग के मुख्य अध्यापक डाॅ. वसंत कुमार वैश्य और आध्यापिका कुईन तालुकदार के पुत्र कौस्तव बी आर्य की विश्वस्तरीय पहचान से नलबाड़ी में खुशी की लहर है।

गुवाहाटी के असम जातीय विद्यालय में नौवी के छात्र कौस्तव का चयन दो अंतरराष्ट्रीय साइन्स मिट के लिए हुआ है। विश्व के भौतिक विज्ञान जगत के पितामाह स्वरुप संगठन अमरीकन फिजिकल सोसाइटी के अंडर ग्रेजुएट के रुप में नाम दर्ज हुआ है कौस्तव का।


इसके अलावा इस मेधावी छात्र ने अंतरिक्ष के थ्योरी आॅफ डायरेक्शन और नावेल भेस्ट नामक एक विशेष लाइफ जैकेट का आविष्कार किया है,उसके अनुसार न्यूटन का थ्योरी आॅफ डायरेक्शन का जो महकर्षण तत्व है, उस महाकर्षण तत्व के हिसाब से विश्व ब्रह्मांड की हर वस्तु एक-दूसरे को आकर्षित करती है। इस आकर्षणीय बल में निहित कारण को ढूढ़ते हुए कौस्तव ने अपनी यात्रा शुरु करने की बात कही।


 
उसके अनुसार महाकर्षण तत्व का अस्तित्व केवल विश्व ब्रह्मांड के चुंबकीय क्षेत्र के विपरीत मेरु के लिए संभव हुआ है। विपरीत मेरु के उत्तर और दक्षिम मेरु के अलावा विशेष परिस्थिति मेें पूरब और पश्चिम तथा उत्तर व दक्षिण के अलावा जो दिशा है, वहां भी समान रुप से महाकर्षण तत्व की जरुरत है।


इधर इन दोनों विषयों में कौस्तव के खुलासे को अहम बताते हुए फिनलैंड में 15 अक्टूबर से शुरु 31 वें मेमोरियल साइंस काॅन्फ्रेंस में उसे आमंत्रित किया गया है। साथ ही इटली में होनेवाले वर्ल्ड मेग्रेटिक मेटेरियल समिट में भी विश्व के सबसे कनिष्ठ शोधकर्ता के रुप में बुलाया गया है।