कोरोना वायरस के कारण फैल रही महामारी के बीच चल रहे लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थी किसानों को भी सरकार की ओर से पहली किश्त जारी कर दी गई है। लॉकडाउन के बीच सरकार ने 4.91 करोड़ किसानों के बैंक खातों में राशि डालने के लिए 9826 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं। इस राशि का फायदा राजस्थान के किसानों को भी मिल सकेगा। आपको बता दें कि सरकार द्वारा हर साल योजना का लाभ लेने वाले किसानों के खातें में तीन किश्तों में राशि जमा की जाती है।

गौरतलब है कि देश इस वक्त कोरोना संकट से जूझ रहा है। देश का हर वर्ग इससे परेशान है। इस बीच केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत रजिस्टर्ड किसानों में से 4.91 करोड़ किसानों के खाते में जमा की जाने वाली 6000 रुपए की राशि में से पहली किश्त 2000 रुपए जमा कर दिए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सरकार की ओर से किसानों के लिए 9826 करोड़ राशि का आवंटन किया जा चुका है। तोमर ने लिखा कि श्देश में कोरोना संकट के चलते प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लॉकडाउन अवधि 24 मार्च से 3 अप्रेल के दौरान लगभग 4.91 करोड़ किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं और 9826 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 9 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इसमें से फिलहाल 4.91 करोड़ किसानों के खाते में यह राशि डाली जा रही है। अगर आपको इस स्कीम के तहत अभी तक पैसा न मिला हो तो अपने लेखपाल, कानूनगो और जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करना चाहिए। वहां से बात न बने तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन 155261 या 1800115526 टोल फ्री नंबर पर संपर्क करना चाहिए। सरकार ने मंत्रालय का नंबर भी जारी किया है। यह नंबर है 011.23381092। इन नंबरों पर अपने रजिस्ट्रेशन संबंधी काम करा सकते हैं।

पीएम किसान पोर्टल पर जाकर किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह सुविधा सभी किसानों के लिए शुरू की गई है। दूसरे चरण में आधार वेरीफिकेशन जरूरी है। यदि आपने इस स्कीम का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया है और अभी तक बैंक अकाउंट में पैसा नहीं आया है। ऐसे में पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना आधार, मोबाइल और बैंक खाता नंबर दर्ज करके इसके स्टेटस की जानकारी ले सकते हैं। पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर भले ही वो किसानी भी करते हों, वो लाभ नहीं ले सकते। इसके अलावा केंद्र या राज्य सरकार में अफसर एवं 10000 रुपए से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले भी योजना के लाभ से वंचित होंगे, जबकि केंद्र और राज्य सरकार के मल्टी टास्किंग स्टाफ , चतुर्थ श्रेणी समूह डी कर्मचारी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।