उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में चल रहे एक सालाना उर्स के मेले में खानपान की दुकान पर चाउमीन खाने से एक ही गांव के 84 लोग बीमार हो गये। बीमार होने वालों में लगभग 70 बच्चे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच गयी है। इनमें पांच मरीजों की हालत गंभीर बतायी गयी है। 

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इन्हें इलाज के लिये प्रयागराज भेजा गया है। कोतवाली लाल गंज क्षेत्र में वरिस्ता गांव के तकिया मीर पुरवे में इनायत शाह बाबा की मजार है, मजार पर उर्स का मेला लगा था। मेले में गांव के दिनेश ने चाउमीन की दुकान लगायी थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस दुकान पर चाउमीन खाने वालों की तबीयत रात में बिगड़ना शुरू हो गयी। एक एक करके बच्चों व बड़ो को उल्टी दस्त के साथ पेट में दर्द शुरू हो गया। लोग निजी साधनों से मरीजों को लेकर स्थानीय डॉक्टरों के पास भागने लगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव मे पहुंची। तब तक अधिकतर मरीज अपनी दवा करा चुके थे, वहीं चाऊमीन बेचने वाले दिनेश के साथ ठेला लगाने वाले दो अन्य दुकानदारों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछ ताछ कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। 

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स्वास्थ्य विभाग की टीम 20 घण्टे देर से गांव में पहुंची। तब तक अधिकांश मरीज अपना इलाज स्थानीय डॉक्टरों से करा चुके थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जी एम शुक्ला ने बताया है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चे और लोग फूड पॉयजनिंग के शिकार हुये, लेकिन इसकी जानकारी जिला मुख्यालय को समय से नहीं दी गयी। इसकी जानकारी मिलते ही चिकित्सकों की टीम गांव मे भेज दी गयी। शुक्ला ने कहा कि लोगों का इलाज कराया जा रहा है। सभी मरीजों की हालत में अब सुधार आ रहा है। उन्होंने बताया कि जिसकी लापरवाही से यह घटना हुयी है जांच कराकर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।