कलयुग सच में अपनी चरम सीमा पर है क्योंकि लोग ऐसे कर्मकांड करते हैं कि यकीन नहीं होता है। क्या आपने कभी 'Digital Rape' के बारे में सुना है,  बता दें कि इसका संबंध इंटरनेट से नहीं है। लेकिन फिर भी इस तरीके से बलात्कार किया जाता है और दुनिया में सैंकड़ों लड़कियां और लड़के इसका शिकार होते हैं। दरअसल में, नोएडा पुलिस ने इस मामले में एक 80 साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है।


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मामला है कि वह 17 साल की लड़की के साथ सात साल तक कथित तौर पर 'डिजिटल रेप' के आरोप में गिरफ्तार किया है। मौरिस राइडर के रूप में पहचाने जाने वाले शख्स पर पीड़िता के साथ अश्लील हरकत करने का भी आरोप लगाया गया था।
नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (रेप), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया।


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जानकारी के मुताबिक आरोपी इसका विरोध करने पर पीड़िता की पिटाई भी करता था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

क्या है डिजिटल रेप

अगर कोई शख्स बिना महिला की सहमति के उसके प्राइवेट पार्ट्स को अपने उंगलियों या अंगूठे से छे़ड़ता है, तो ये 'Digital Rape' कहलाता है। विदेशों में डिजिटल रेप शब्द का काफी इस्तेमाल होता आ रहा है। भारत में भी इसके लिए कानून बना है। दरअसल, अंग्रेजी डिक्शनरी में उंगली, अंगूठा, पैर की अंगुली को भी डिजिट से संबोधित किया जाता है। इसलिए इस तरह की हरकत को डिजिटल रेप नाम दिया गया है।

डिजिटल रेप के मामलों में काफी कम अपराध दर्ज होते हैं। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह इस शब्द को लेकर ज्यादातर लोग जागरूक ही नहीं है। इसे देखते हुए रेप के कानूनों में इसे भी शामिल किया गया है। इसके बाद इस तरह के मामलों में आरोपियों को सजा का प्रावधान है। डिजिटल रेप के मामलों में अपराधी को कम से कम 5 साल जेल की सजा हो सकती है। वहीं कुछ मामलों में, अपराधी को 10 साल की या  आजीवन कारावास की सजा काटनी पड़ सकती है।