ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को पेश किए गए व्हाइट पेपर (श्वेतपत्र) 2020 के अनुसार, पिछले साल राज्य में प्रतिदिन 8 बलात्कार और 4 हत्या के मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2020 के दौरान 1,470 हत्या, डकैती के 514 मामले, 2,166 लूट, 4,500 छिनताई, 10,412 चोरी, 3,524 ठगी, 2,059 दंगे, 2,084 बलात्कार, 9,817 सडक़ (मोटर व्हीकल) दुर्घटना सहित कुल 1.34 लाख संज्ञेय मामले सामने आए।

रिपोर्ट के अनुसार, 1,34,230 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए। इनमें 1,29,305 मामले सही पाए गए और 93,229 मामलों में आरोप-पत्र दायर किए गए। ओडिशा पुलिस ने पिछले साल कुल 2,984 बलात्कार के मामले दर्ज किए। इनमें से 2,907 मामले सही पाए गए। 2,054 मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए। वर्ष के दौरान दर्ज 1470 हत्या के मामलों में से 1,392 सही पाए गए और 694 हत्या के मामलों में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। इसी तरह, पुलिस ने 2,166 लूट के मामले दर्ज किए और 882 मामलों में आरोप पत्र दायर किए। कुल मामलों में से, 2,127 सत्य पाए गए।

वर्ष के दौरान 1816 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 4.24 करोड़ रुपये मूल्य की चोरी संपत्तियां जब्त की गईं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2020 के दौरान समग्र कानून और व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण थी। राज्य सरकार ने सांप्रदायिक सद्भाव को प्राथमिकता दी। 2020 में हिंदू-मुस्लिम के बीच झड़प के 27 और हिंदू-ईसाई के बीच तीन मामलों की सूचना दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन के समय पर हस्तक्षेप से हालात काबू में आए। इसने कहा कि सरकार कोविड-19 स्थिति के प्रबंधन में सफल रही है। 8,902 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वायरस से संक्रमित पाए गए, 48 पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी पर अपनी जान गंवा दी और 1002 ने कोविड-19 से उबरने के बाद प्लाज्मा दान किया। 2020-21 में माओवादी मुठभेड़ों की लगभग 18 घटनाएं हुईं।