केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दोबारा मिलने जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में तैनात अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को मौद्रिक राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त इनसेंटिव, ’नॉर्थ ईस्ट कैडर के अधिकारियों के लिए स्पेशल अलाउंस’ देने का फैसला किया है।

खबर है कि लद्दाख में तैनात आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त इनसेंटिव और स्पेशल ड्यूटी अलाउंस दिया जाएगा। ये उनकी बेसिक सैलरी का 20 परसेंट और 10 परसेंट होगा। इसलिए लद्दाख में तैनात आईएएस अधिकारियों के लिए 7वी सीपीसी पे मैट्रिक्स केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद बदल जाएगा। इस सिलसिले में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कार्यालय ज्ञापन भी जारी किया है।

हालांकि, नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में तैनात आईएएस अधिकारियों को उनकी बेसिक सैलरी का 25 परसेंट देय ये स्पेशल अलाउंस जुलाई 2017 में रिवाइज किया गया था। 25 जुलाई 2017 को डीओपीटी के ऑफिस मेमोरेंडम के मुताबिक बेसिक सैलरी की 25 परसेंट की दर देय स्पेशल अलाउंस को रिवाइज किया गया था। स्पेशल अलाउंस और स्पेशल ड्यूटी अलाउंस में जो कि 20 परसेंट और 10 परसेंट की दर से देय है।

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों का डीए जून 2021 तक फ्रीज कर दिया है। हालांकि मोदी सरकार ने अब साफ कर दिया है कि महंगाई भत्ते की बहाली 1 जुलाई से कर दी जाएगी। डीए की तीनों रुकी हुई किस्तें. जनवरी 2020 से लेकर जून 2020ए जुलाई 2020 से लेकर दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 से लेकर जून 2021 केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में जोड़ दी जाएंगी। अब चूंकि प्रॉविडेंट फंड योगदान केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और डीए मिलाकर कैलकुलेट होता है। ऐसे में अगर डीए बढ़ता है तो पीएफ योगदान भी अपने आप बढ़ जाएगा। जिसका फायदा कर्मचारियों को लंबी अवधि में दिखेगा। अभी कर्मचारियों को 17 परसेंट की दर से डीए और डीआर मिलता है, वो बढ़कर 28 परसेंट हो सकता है।