अंग्रेजों के जमाने के बने रेलवे कालोनियों को ढहाया जाएगा।  लखनऊ मंडल में कालोनियों की संख्या 780 बताई जा रही है।  जोकि जर्जर और खंडहर में तब्दील हो चुके है।  पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन इन कालोनियों को ध्वस्त करेगा।  यहां अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाया जाएगा।  रेलवे इन जर्जर भवनों की जगह नए आवास बनवाएगी। 

राजधानी में उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे की 22 से ज्यादा कालोनियां हैं।  जहां हजारों रेलकर्मी अपने परिजनों के साथ रहते हैं।  इन रेलवे कालोनियों में बड़ी संख्या में अवैध रूप से भी लोग रहते हैं।  जिनके खिलाफ आरपीएफ आए दिन कार्रवाई भी·करती है।  बावजूद रेलकर्मी अपने चाहतों को किराये पर कालोनियों को दे देते है।  

जबकि रेलवे इन कालोनियों को कंडम घोषित·कर रखा है।  पर, अवैध रूप से अभी लोग इनमें भी रह रहे हैं।  बारिश के दिनों में ये जर्जर भवन खतरा बने हुए।  जिन्हें तोड़ने के लिए मुख्यालय से पहले ही आदेश आ गए थे।  लेकिन लॉकडाउन के चलते यह काम पेंडिंग पड़ा हुआ था।  वर्षो पुरानी कालोनी होने की वजह से बारिश का पानी टपकने के साथ परिसर के प्लास्टर उखड़कर गिरने लगे है।