60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा के चुनाव के लिए रविवार का मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो जाने के बाद सत्ताधारी माकपा और भाजपा दोनों ने जीत के अपने-अपने दावे किए हैं। लगभग 180 मतदान केंद्रों पर वीवीपैट लगी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी को छोड़कर बाकी मतदान निर्बाध तरीके से संपन्न हो गया।


भारतीय जनता पार्टी की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, महासचिव राम माधव, असम के मंत्री हिमांता बिस्व सरमा और पार्टी के अन्य नेताओं ने त्रिपुरा में मतदान के बारे में जानकारी ली है। देब ने यहां मीडिया से कहा कि लोग बदलाव चाहते हैं। लोग त्रिपुरा में भाजपा की सरकार चाहते हैं। यह सुनिश्चित है कि भाजपा त्रिपुरा में अगली सरकार बनाएगी।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी त्रिपुरा इकाई के सचिव बिजन धर ने कहा कि वाम दल अगली सरकार के गठन को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, पोलित ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात, बृंदा करात, बिमान बोस, और अन्य केंद्रीय नेताओं ने मतदान के बारे में फोन पर उनसे जानकारी ली है। धर ने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा के अन्य नेता हमेशा डिजिटल इंडिया की बाते करते हैं, लेकिन रविवार के चुनाव में ईवीएम-वीवीपैट में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी ने डिजिटल इंडिया अभियान पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है।


त्रिपुरा कांग्रेस के उपाध्यक्ष तापस डे ने भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दिल्ली कार्यालय ने त्रिपुरा चुनाव के बारे में बार-बार जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव सीपी जोशी, सचिव भूपेन बोरा और अन्य नेताओं ने त्रिपुरा कांग्रेस के नेताओं से मतदान के बारे में जानकारी ली है। कांग्रेस नेताओं ने राज्य निर्वाचन विभाग की आलोचना करते हुए कहा कि त्रिपुरा में निर्वाचन अधिकारी निष्पक्ष नहीं थे और चुनावी प्रबंधन बहुत खराब और अक्षम था। डे ने कहा कि कांग्रेस और वाम दलों की शिकायतों के बावजूद त्रिपुरा के निर्वाचन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन जब भाजपा ने कोई शिकायत की तो निर्वाचन अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। मतगणना तीन मार्च को होगी।