शहर में रहने वाले करीब 77 प्रतिशत भारतीय, भारत के किसी अन्य देश के साथ युद्ध की संभावना से भयभीत हैं। यह खुलासा एक सर्वे में हुआ है, जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को सार्वजनिक की गई। वहीं ‘इप्सोस हेलिफैक्स वल्र्ड अफेयर्स ग्लोबल थ्रेट्स एसेसमेंट’ सर्वे के अनुसार, 75 प्रतिशत लोग इन बातों से घबराते हैं कि उनके देश में कहीं आतंकी हमला न हो जाए।

परिणाम में यह भी दिखाया गया है कि शहरी भारतीय सुरक्षा, स्वास्थ्य या अन्य तरह की आशंकाओं से चिंतित रहते हैं। हालांकि सूची में शीर्ष पर सुरक्षा है। इप्सोस, एपीएसी के इप्सोस इंडिया एंड ऑपरेशंस डायरेक्टर व सीईओ अमित अदरकर ने कहा, पुलवामा हमला, फिर बालाकोट हमला और अतीत में हुए हमले ऐसी चीजों को दिमाग में लाते हैं। वहीं अनुच्छेद 370 और 35ए के रद्दीकरण को लेकर उठाए गए ठोस कदम से इन चीजों में अस्थिरता आई है। यह खतरे की एक धारणा है। कई बार यह अच्छा नहीं होता।

शोध में आगे बताया गया है कि 73 प्रतिशत शहरी भारतीय, भारत में होने वाली भयंकर प्राकृतिक आपदा को लेकर भयग्रस्त हैं, जबकि 71 प्रतिशत भारतीय महामारी को लेकर चिंतित रहते हैं। परिणाम में यह भी खुलासा किया गया है कि 70 प्रतिशत भारतीयों को सार्वजनिक, निजी और व्यक्तिगत जानकारियों के हैक होने का डर सताता है। वहीं इतने ही प्रतिशत लोग अपने परिवार व खुद की सुरक्षा को लेकर डरते हैं।

हालांकि दिलचस्प बात तो यह है कि 79 प्रतिशत शहरी भारतीयों का मानना है कि ये चीजें बिगडऩे की बजाय सुधर रही हैं। यह सर्वे 23 अगस्त-6 सितंबर के बीच करवाया गया था। इसमें भारत सहित 28 देशों के 18, 526 वयस्कों को शामिल किया गया था।

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