गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर में 75 से 80 फीसदी उग्रवाद की समस्या खत्म हो गई है। नागालैंड के शोखुवी में असम राइफल्स के सैनिक सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल (असम राइफल्स)अनुकरणीय दोहरी सेवा कर रहा है। एक तरफ वह 1642 किोलमीटर लंबी भारत म्यांमार सीमा की चौकसी का काम करता है तो दूसरी तरफ उग्रवाद विरोधी अभियानों में भी अहम भूमिका निभाता है। राजनाथ सिंह ने कहा, मैं आपतो बता सकता हूं कि पूर्वोत्तर में 75 से 80 फीसदी उग्रवाद की समस्या खत्म हो चुकी है। सिंह ने दोनों देशों की खुली सीमा की चौकसी के असम राइफल्स के चुनौतीपूर्ण कार्य को भी रेखांकित किया।

आपको बता दें कि भारत और म्यांमार के बीच फ्री मूवमेंट रिजाइम है,जिसके चलते दोनों देशों के लोग एक दूसरे के क्षेत्र में आ जा सकते हैं। यह सुविधा व्यापारियों के लिए है। गृह मंत्री ने कहा, यह आपके लिए मुश्किल काम है क्योंकि म्यांमार एक मित्र देश है। आपको कूटनीतिक संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना होता है जिससे हमारे संबंधों में किसी तरह का गतिरोध न आए।

इससे पहले राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश से सटे देश के सीमावर्ती राज्यों को रोहिंग्याओं और अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों को इस मसले पर चौकस रहने की जरूरत है,ताकि अवैध घुसपैठ को रोका जा सके। भारत बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर राजनाथ सिंह की सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्रियों व अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें सीमा पार से अपराधियों व अवैध प्रवासियों की घुसपैठ के मसले पर विस्तार से चर्चा हुई।