अफगानिस्तान में तालिबान हिमाकत बढ़ती ही जा रही है। तालिबान ने शुक्रवार को शेबरगान सिटी में एक जेल पर हमला कर यहां बंद 700 कैदियों को छुड़ा लिया। अफगान सरकार के सूत्रों के मुताबिक यह सभी तालिबान लड़ाके थे। जेल से छूटने के बाद अब फिर से उसके साथ जुड़ जाएंगे और उसकी ताकत में इजाफा करेंगे। गौरतलब है कि तालिबान ने आज ही इस प्रांत की राजधानी पर कब्जा जमाया है। यह अफगानिस्तान के दूसरे प्रांत की राजधानी है, जिस पर तालिबान ने पिछले 24 घंटे के अंदर कब्जा जमाया है। 

बता दें कि शेबरगान शहर कुख्यात तालिबान लड़ाका अब्दुल राशिद दोस्तम का शहर है। वह इसी हफ्ते टर्की से अपना इलाज कराके वापस आया है। मई में अफगानिस्तान में लड़ाई छेड़ने के बाद से तालिबान ने ग्रामीण अफगानिस्तान के कई इलाकों पर कब्जा जमा लिया है। शुक्रवार को जारांज शहर पर तालिबान ने कब्जा जमा लिया था। यह पहली प्रांतीय राजधानी थी, जहां पर तालिबानी लड़ाकों ने कब्जा जमाया था। यहां भी इन लोगों ने जेल से कैदियों को छुड़ाया था। यहां उन्हें बहुत ज्यादा प्रतिरोध का सामना भी नहीं करना पड़ा था। हालांकि शेबरगान में कब्जे से पहले उन्हें थोड़ा संघर्ष करना पड़ा था।

इस बीच सोशल मीडिया में दिखाया गया है कि स्थानीय लोग यहां पर तालिबान के आने पर खुशी जाहिर कर रहे हैं। सेना के वाहनों और लग्जरी एसयूवी पर तालिबान का सफेद झंडा फहराते हुए उसके लड़ाके यहां पर घूम रहे हैं। वहीं लोग उनके लिए उत्साहित हो रहे हैं। जारांज में घुसने के बाद तालिबानियों ने सबसे पहले एक स्थानीय जेल को खोल दिया। इस दौरान लोकल अपराधियों के साथ-साथ तालिबान कैदियों को भी आजाद कर दिया गया। ट्विटर पर जारी वीडियो में दिखाया गया है कि भीड़ सरकारी दफ्तरों को लूट रही है। वहां से डेस्क, कुर्सियां, आलमारियां और टीवी लूटी जा रही है।