असम में जहरीली शराब पीने वालों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों में 66 और लोगों ने दम तोड़ दिया। इस तरह मरने वालों की संख्या 150 पहुंच गई है। शनिवार तक यह संख्या 84 थी। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मृतकों के परिजनों को दो लाख और बीमार लोगों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने घटना के पीछे प्रदेश सरकार की अक्षमता और उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि 15 दिन पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि जोरहाट मेडिकल कॉलेज, गोलाघाट जिला अस्पताल और तीताबोर सब डिवीजन अस्पताल में अभी भी 170 लोग भर्ती हैं। कुछ नए मरीज प्रतिदिन अस्पतालों में भर्ती होने के लिए आसपास के इलाकों से आ रहे हैं। जहरीली शराब का सैंपल फोरेंसिक लैब भेजा गया है।

भाजपा विधायक मृणाल सैकिया ने बताया कि जहां पर यह घटना हुई वहां पर लगभग 10 अलग-अलग भट्टियां हैं जो इस तरह की शराब बनाती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की देसी शराब में प्रयोग किया जाने वाला मुख्य घटक पास के ही इलाके में रहने वाला एक व्यक्ति सप्लाई करता है। गुरुवार को लगभग 1500 लोगों ने यह शराब पी थी।

राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश अग्रवाल ने बताया कि अब तक पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ की जा रही है और जल्द ही साजिश का पता लगा लिया जाएगा। आबकारी विभाग ने गैर पंजीकृत शराब बेचने और बनाने के मामले में अब तक 90 मामले दर्ज किए हैं। 22 फरवरी से लेकर अब तक 4860 लीटर अवैध शराब को जब्त और नष्ट किया गया है।