लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हर राज्य सुरक्षा को लेकर कोई चूक नहीं चाहता। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक,अखिल कुमार शुक्ला ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 64 कंपनियां राज्य में तैनात की जाएंगी। बता दें कि त्रिपुरा में दो लोकसभा सीटें हैं- पश्चिम त्रिपुरा और पूर्वी त्रिपुरा, जिनके लिए चुनाव क्रमशः 11 अप्रैल और 18 अप्रैल को होंगे। 

डीजीपी ने कहा कि बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा को चुनाव से पहले सील कर दिया जाएगा और बीएसएफ को सीमा पर कड़ी चौकसी बनाए रखने के लिए कहा गया। शुक्ला ने कहा कि संसदीय चुनावों के सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए राज्य पुलिस के साथ-साथ राज्य के विभिन्न हिस्सों में सीएपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया है।

डीजीपी ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में कानून-व्यवस्था को देखने के लिए 180 स्टेटिक सर्विलांस टीमें एसएसटी) और 180 फ्लाइंग स्क्वायड टीमें (एफएसटी) तैनात हैं। उन्होंने आगे कहा कि दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में सभी 23 उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा दी गई है। डीजीपी ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से अब तक 1395 गैर-जमानती और स्थायी वारंट भेजे हैं। 

उन्होंने कहा "कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा। हमने लोगों की जागरूकता के लिए विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर वारंट के साथ संदिग्ध अपराधियों के नाम चिपकाए हैं,"। डीजीपी ने आगे बताया कि अब तक चुनाव से संबंधित 35 मामले दर्ज किए गए, 23 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और 62 व्यक्तियों को नोटिस भेजे गए। वहीं बीएसएफ के डीआईजी और त्रिपुरा फ्रंटियर के मुख्य पीआरओ सी एल बेलवा ने कहा, बीएसएफ की 18 बटालियनें त्रिपुरा में तैनात हैं और चुनाव के मद्देनजर सीमा पर चौकसी तेज कर दी गई है।