आज के समय में 6 साल का बच्‍चा काफी समझदार होता है। इस उम्र के बच्‍चे स्‍कूल जाना शुरू कर देते हैं। उम्र के हिसाब से बच्‍चा हर साल कुछ नया सीखता है और 6 साल के होने पर भी बच्‍चा पहले से ज्‍यादा सयाना हो जाता है।

6 साल का बच्‍चा पांच से सात शब्‍दों का एक वाक्‍य बोल सकता है। ये एक ही साथ तीन कमांड ले सकता है। बच्‍चे को ऐसे कुछ शब्‍द पहचान में आने लगते हैं जिपके एक से ज्‍यादा मतलब हों। इससे बच्‍चे को जोक समझने में मदद होती है। मानसिक रूप से स्थिरता दिखने लगती है। 6 साल का बच्‍चा अपनी उम्र की किताबें पढ़ना शुरू कर देता है। बच्‍चा 15 मिनट के लिए स्‍कूल में काम पर फोकस कर सकता है।

बच्‍चा सहयोग और शेयर करना भी सीख जाता है। लड़के अपने साथ ही उम्र के लड़कों और लड़कियां अपने साथ की लड़कियों के साथ खेलना शुरू कर देता है।

बच्‍चा टीमवर्क समझने लगता है और स्‍पोर्ट्स में टीम के साथ खेल सकता है। बच्‍चा खुद बोलकर बता सकता है कि क्‍या हो रहा है, उसे कैसा महसूस हो रहा है और वो क्‍या सोच रहा है। बच्चा इस उम्र में बच्‍चा झूठ बोलना, चीटिंग करना या चोरी करने जैसी चीजें भी सीख सकता है।

बच्‍चे को नंबरों का कॉन्‍सेप्‍ट समझ आने लगता है। उसे दिन और रात और दांए और बाएं का फर्क समझ आ जाता है और वो आपको समय बता सकता है।

​6 साल की उम्र के आसपास बच्‍चे के दूध के दांत टूटना शुरू हो जाते हैं। इस उम्र के बच्‍चों की हर साल हाइट लगभग 2.5 इंच बढ़ती है। 6 साल के बच्‍चे में बॉडी इमेज को भी समझना शुरू कर देता है।

बच्‍चा खुद बोलकर पेट या पैर में दर्द का बता सकता है। इतना बड़ा बच्‍चा अभी भी साउंड, दूरी और स्‍पीड के बारे में सीख रहा होता है इसिलए उसे सड़क पर अकेला न छोड़ें।

6 साल के बच्‍चे के लिए वीडियो गेम, कंप्‍यूटर और टीवी के इस्‍तेमाल को लिमिट करना शुरू कर दें। बच्‍चे को स्‍क्रीन टाइम की जगह फिजिकल एक्टिविटी भी करनें दें और उसे पर्याप्‍त नींद लेने दें।

कंप्‍यूटर और टीवी पर पेरेंटल कंट्रोल इंस्‍टॉल कर के रखें। बच्‍चों से स्‍कूल में पढ़ाई या किसी अनजान या जानकार व्‍यक्‍ति के गलत तरीके से छूने के बारे में भी पूछते रहें और उसे गलत टच के बारे में भी समझाएं क्‍योंकि इतने छोटे बच्‍चे आसानी से शारीरिक शोषक का शिकार हो जाते हैं।

अगर आपका बच्‍चा 6 साल का हो गया है लेकिन वो अब तक उपरोक्‍त किसी स्किल में पीछे रह गया है या आपको लग रहा है कि बच्‍चा अपनी उम्र के बाकी बच्‍चों से विकास के मामले में पीछे है तो एक बार डॉक्‍टर को दिखा लें।