कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम जिले के बोगतुई गांव का दौरा करेंगी, जहां भीड़ ने दो बच्चे सहित छह महिलाओं को आग के हवाले कर दिया था जिससे इनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार की यह कहकर आलोचना की थी कि सुश्री बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार इस घटना को दबाने के प्रयास में जुटी हुई है। कोलकाता से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामपुरहाट के इस गांव में मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए भाजपा की पांच सदस्यीय टीम भी पहुंचेगी। 

मरने वालों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम तृणमूल कांग्रेस नियंत्रित पंचायत निकाय के उप प्रमुख बंधु शेख की हत्या के प्रतिशोध में इस घटना को अंजाम दिया गया है। घटना को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहीं मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह उनकी सरकार की छवि को धूमिल करने की एक गहरी साजिश है।उन्होंने दावा किया है कि भाजपा, कांग्रेस और माकपा जैसे विपक्षी दलों ने यह साजिश रची है। 

यह भी पढ़ें- ताश के पत्तों की तरह ढह गई पाकिस्तानी टीम, बनाया ये शर्मनाक शर्मनाक रिकॉर्ड

बनर्जी ने कहा, 'घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखते हों।' भाजपा के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सदस्य और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ब्रजलाल, लोकसभा सदस्य एवं मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सदस्य एवं कर्नाटक के पूर्व आईपीएस अधिकारी केसी राममूर्ति, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार (एमपी) एवं पार्टी प्रवक्ता और पूर्व आईपीएस भारती घोष गुरुवार को घटनास्थल का दौरा करेंगी। 

यह भी पढ़ें- हर मनोकामना पूरी करने वाली शीतला सप्तमी आज , आज जरूर करें इस चालीसा का पाठ

मजूमदार ने गरीब, वह भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की सुरक्षा करने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए साजिश के आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि यह सरकार की घोर विफलता ही है, जो आम लोगों पर सुनियोजित हमले को नहीं रोक सकी। इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद बोगतुई गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। दिल्ली से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम के भी घटनास्थल से नमूने एकत्र करने के लिए वहां जाने की उम्मीद है।