असम पंचायत चुनाव में 6 सीटों पर जब मुकाबला बराबरी का हो गया तो बेहद दिलचस्प तरीके से विजेताओं का चयन हुआ। बराक घाटी में हुए पंचायत चुनाव में कई जगह पर मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ। इसके बाद तय किया गया कि सिक्का उछालकर विजेता चुने जाएंगे जिसे उम्मीदवारों ने स्वीकार किया और इस तरह भाग्य के हिसाब से फैसला लिया गया। कछार जिले के सोनई निर्वाचन क्षेत्र की सीट नंबर 4 में निर्दलीय रंजना बेगम और कांग्रेस की उम्मीदवार इदरजान बोरभुइयां को 125-125 वोट मिले।


इसके बाद गुरुवार को सिक्के से टॉस करके विजेता घोषित हुआ। इसमें इदरजान बोरभुइयां को विजेता घोषित किया गया। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा कि दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बराबरी का होने पर टॉस के जरिए विजेता चुनने का फैसला किया गया। इनके अलावा 5 अन्य उम्मीदवार जिनमें लालामुख ग्राम पंचायत के अंतर्गत एक आंचलिक पंचायत उम्मीदवार,निश्चिंतापुर के अंतर्गत 3 ग्राम पंचायत सदस्य और हेलाकांडि के पंचग्राम में एक उम्मीदवार भी टॉस के जरिए विजेता चुने गए।


एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लालमुख ग्राम पंचायत की 3 नंबर सीट से दो निर्दलीय उम्मीदवार जवाहरलाल और संजीब नारायण दूसद के बीच मुकाबला टाइ हुआ। इसमें संजीब विजेता चुने गए।
हेलाकांडि जिला परिषद के सीआईओ ने बताया कि जिन लोगों का रिजल्ट टाइ हुआ था उन्होंने बिना किसी विवाद के टॉस से फैसले को स्वीकार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक सत्तारुढ़ भाजपा ने असम पंचायत चुनाव में विपक्षी पार्टी कांग्रेस के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा सीटें जीती है। राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। भाजपा ने गांव पंचायत सदस्य(जीपीएम) की 7,768 सीट, आंचलिक पंचायत सदस्य(एपीएम) की 653 सीट और जिला परिषद सदस्य(जेडपीएम) की 223 सीटों पर जीत हासिल की है।