असम में जहरीली शराब पीने से कुल 157 लोगों की मौत हो गई। ये मौतें जोरहाट और गोलाघाट जिलों में हुई थी। इस कांड में बचे 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है जबकि 34 अन्य आंशिक रूप से नेत्रहीन हुए हैं यानि इनको उतना स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा जितना दिखना चाहिए।


मेडिकल एजुकेशन के निदेशक अनूप बर्मन ने यह जानकारी दी है। अधिकारी ने कहा कि प्रभावित लोगों का जोरहाट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल(जेएमसीएच)में इलाज चल रहा है। हालांकि गोलाघाट सिविल अस्पताल में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है क्योंकि उसने सारे क्रिटिकल केस जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को रैफर कर दिए हैं। बर्मन ने कहा, आंखों की रोशनी खोने वाले और नसों में कमजोरी उन लोगों में कॉमन है जो जहरीली शराब पीने के बाद प्रभावित होते हैं। सभी प्रभावितों ने जहरीली शराब पी थी।


हम अपनी तरफ से अभी भी हमारा बेस्ट कर रहे हैं और नेत्र विशेषज्ञ उनके देख रहे हैं। जहरीली शराब कांड ने 21 फरवरी को गोलाघाट के हलमिरा टी एस्टेट और अगले दिन पड़ोसी जोरहाट जिले के बोरहोल्ला टी एस्टेट को हिट किया था। इसमें 157 लोगों की मौत हो गई थी लेकिन स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है। जेएमसीएच के एक डॉक्टर ने कहा कि शराब कांड में बचे लोगों, जिनकी आंखों की रोशनी चली गई है, को एक सप्ताह से लेकर 10 दिन के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।


ये देखने के लिए उन्हें निगरानी में रखा गया है ताकि यह पता चल सके कि रिवाइवल हो सकता है या नहीं। जिन लोगों को देखने में दिक्कत आ रही है उन सभी को विटामीन की दवाईयां दी जा रही है और जिनकी रिकवरी का चांस है उन्हें आगे के इलाज के लिए रैफर किया जाएगा। आंशिक रूप से प्रभावितों के रिकवर होने का आउटसाइड चांस है लेकिन इंतजार कीजिए कि हमारे नेत्र विशेषज्ञ क्या सुझाव देते हैं। जो भी जरूरी है हम करेंगे। हलमिरा चाय बागान के 45 वर्षीय अभिराम खेश जिनकी आंखों की रोशनी चली गई है ने कहा कि उन्हें 22 फरवरी  को भर्ती कराया गया था।


परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अभिराम की आंखों की रोशनी फिर से लौट आएगी। आपको बता दें कि अभी तक 79 लोगों की जेएमसीएच में मौत हो चुकी है जबकि 56 ने गोलाघाट सिविल अस्पताल में दम तोड़ा। मंगलवार से प्रभावित मरीजों की संख्या में कमी आनी शुरू हुई। बुधवार शाम तक जेएमसीएच में 98 इंडोर मरीज थे, जबकि मंगलवार को इनकी संख्या 106 थी। करीब 472 प्रभावित लोगों को गुरुवार से अब तक जेएमसीएच भेजा गया जिनमें से 347 को भर्ती किया गया।