पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक 'सबका साथ-सबका गांव का विकास सम्मेलन' में मणिपुर के 573 गांवों को 5 मई 2018 तक धुंआरहित बनाने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके लिए हर घर में एलपीजी गैस उपलब्ध करवार्इ जाएगी।


बता दें कि गांवों को धुंआरहित बनाने की यह पहल इंडियन आॅयल, राज्य सरकार, चिंखसन गाइट आैर इंफाल, सिलचर क्षेत्र के एलपीजी सेल्स की सहायता के द्वारा की जाएगी। ग्राम स्वराज अभियान के तहत मणिपुर में 20 अप्रैल को उज्जवला दिवस मनाया जाएगा, इसकी घोषणा करते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय के स्टीफन गाइट ने कहा कि उज्जवला दिवस एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के द्वारा उनके ट्रेंडिंग एरिया आैर लोकेशन पर आयोजित करवाया जाएगा।

   
उज्जवला कार्यक्रम के दौरान बीपीएल परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए जाएंगे, जिसमें सुरक्षा क्लिनिक, उज्जवजा जागरूकता, एलपीजी लाभ आदि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि उज्जवला दिवस के दिन प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत भी आयोजित की जाएगी, ताकि गांव के नेताआें आैर स्थानीय लोगों को शामिल किया जा सके आैर नेता अपने ज्ञान आैर अनुभव को शेयर करके लोगों में जागरूकता फैला सकें।

इसके अलावा अधिकारी ने कहा कि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स की पहल के कारण प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत पहले ही पूरे राज्य में आयोजित करवार्इ जा चुकी है। अब एलपीजी आैर पीएमयूवार्इ स्कीम के तहत एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स स्थानीय लेवल की बैठक करके लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं। बता दें कि ग्राम स्वराज अभियान, एक गांव विकास मिशन 14 अप्रैल से शुरू होकर 5 मई 2018 तक चलेगा। पीएमयूवाई योजना के तहत जिसमें 573  गांवों को धुंअारहित बनाया जाएगा।