केंद्र ने कोरोना टिकाकरण नीति में बदलाव किया गया है। इसके तहत मंगलवार को देश भर में 54 लाख लोगों को टीका लगाया गया। वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन अभियान की गति को केंद्र ने तेज कर दिया है। मंगलवार को नए चरण का दूसरा दिन था। बीते दिन रात 11 बजे तक लोगों को वैक्सीन लगाई गई। हालांकि, ये संख्या पहले दिन से कम थी।

सोमवार यानी चरण के पहले दिन भारत के टीकाकरण का नवीनतम दौर रिकॉर्ड 85 लाख के करीब रहा था। चीन के अलावा किसी भी देश की तुलना में ये संख्या एक दिन में सबसे ज्यादा है। मंगलवार को गिरावट के बावजूद, यह 16 जनवरी को देश के टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद से तीसरा सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा था, लेकिन राज्यों में दैनिक संख्या में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

मध्य प्रदेश में नई गाइडलाइन के पहले दिन सोमवार को 1.7 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी लेकिन, मंगलवार को रात 10 बजे तक केवल 68 हजार 370 लोगों को खुराकें दी गईं। दो दिनों के बीच में 96 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। वहीं, आंकड़ों से पता चलता है कि हरियाणा में मंगलवार को दैनिक टीकाकरण संख्या में 75 प्रतिशत की गिरावट आई। यहां रात 10 बजे तक 1,28,979 लोगों को टीका लगाया गया, जोकि पहले दिन 511,882 था।

केंद्र सरकार ने 21 जून से 30 जून के बीच 8 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, जुलाई में केंद्र ने 24.8 करोड़ खुराक देने का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार और मंगलवार को टीकाकरण की दर में वृद्धि का श्रेय केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश पहले से टीकाकरण अभियान में आगे रहा है, उन्होंने इसके लिए पोलियो ड्राइव का उदाहरण दिया।

राजेश भूषण ने बताया कि को-विन डैशबोर्ड से संकलित राज्य के आंकड़ों से पता चला है कि मंगलवार को 12 राज्यों में दैनिक टीकाकरण संख्या में गिरावट आई है। मुख्य रूप से वे जिन्होंने सोमवार को रिकॉर्ड वैक्सीन लगाई थी। जैसे कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और बिहार। वहीं, एमपी के राज्य टीकाकरण अधिकारी संतोष शुक्ला ने कहा कि उन्होंने सामान्य टीकाकरण के लिए मंगलवार और शुक्रवार को निर्धारित किया है और रविवार ‘No Vaccination Day’ है। यह आदेश मार्च में जारी किया गया है लेकिन कुछ जिलों में वैक्सीन की उपलब्धता के कारण टीकाकरण किया जा रहा है।

कर्नाटक में टीकाकरण की संख्या सोमवार के 10,67,734 थी, जोकि 61 प्रतिशत गिरावट के साथ मंगलवार रात 10 बजे तक 4,46,780 हो गई। रविवार को राज्य ने 68 हजार 172 शॉट जारी किए थे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सोमवार की संख्या से पता चलता है कि वे बड़े पैमाने पर टीकाकरण कर सकते हैं। यह एक उपलब्धि है जिसे वे आने वाले दिनों में दोहराना चाहते हैं, बशर्ते पर्याप्त टीके हों।

आंकड़ों से पता चलता है कि मंगलवार को 34 प्रतिशत और 29 प्रतिशत कम शॉट्स के साथ आंध्र प्रदेश और बिहार में भी गति धीमी हो गई। महाराष्ट्र, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में अभियान ने मंगलवार को गति पकड़ी और सोमवार की संख्या से हुए नुकसान के बड़े हिस्से की कुछ हद तक भरपाई की।

को-विन डैशबोर्ड के अनुसार, महाराष्ट्र ने संख्या में सबसे बड़ी वृद्धि देखी – सोमवार को प्रशासित 3,94,794 खुराक से 45 प्रतिशत की वृद्धि मंगलवार को रात 10 बजे तक 5,74,365 हो गई। इसके बाद पंजाब में सोमवार से 24 प्रतिशत बढ़ोतरी, हिमाचल प्रदेश में 23 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ 22 प्रतिशत बढ़ोतरी देखी गई।

उत्तर प्रदेश ने मंगलवार को दैनिक टीकाकरण में 15 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई। राज्य ने रात 10 बजे तक 8,44,174 वैक्सीन लगाईं, जोकि मंगलवार को देश में सबसे अधिक थी। अधिकांश उत्तर-पूर्वी राज्य 19 प्रतिशत अधिक लोगों को टीका लगाकर टीकाकरण की गति को बनाए रखने में सक्षम थे। कई राज्यों ने कहा कि वे अगले कुछ दिनों में और अधिक टीकों की डिलीवरी की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे उन्हें गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

राजस्थान में, जहां मंगलवार को 4,20,697 लोगों को टीका लगाया गया था, जबकि सोमवार को 4,74,868 लोगों को टीका लगाया गया था, राज्य के अधिकारियों ने कहा कि कमी के कारण कई जिलों में टीकाकरण रोकना पड़ा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को लिखे पत्र में जुलाई महीने के लिए वैक्सीन आवंटन को 6.5 मिलियन से बढ़ाकर 15 मिलियन खुराक करने का आग्रह किया है।

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बताया कि मंगलवार को कोविड -19 प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण टीकाकरण बढ़ाने पर ध्यान देने पर जोर दिया। सोमवार को दी गई लगभग 63.7 प्रतिशत डोज गावों में और 36 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में थी। इससे यह साफ होता है कि टीकाकरण अभियान में ग्रामीण पहुंच संभव है। हम पूरी तरह से आशान्वित और आश्वस्त हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर ढंग से कवर करना हमारे लिए पूरी तरह से संभव है।