उत्तर प्रदेश में रहने वाले कम से कम 51.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में अपने मंत्रियों को नियंत्रित करने में सक्षम रहे हैं। शुक्रवार को एक सर्वेक्षण में इसका खुलासा हुआ। आईएएनएस सी-वोटर सर्वे 8 मार्च से 17 मार्च के बीच 15,700 लोगों के बीच किया गया। इसके मुताबिक, 31.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री राज्य में अपने मंत्रियों को नियंत्रित कर पाने में सक्षम नहीं रहे हैं।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि 51.6 प्रतिशत लोगों को लगता है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों को नियंत्रित करते रहे हैं, जबकि कम से कम 16.8 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। राज्य में इससे पहले की कुछ सरकारों को अपने मंत्रियों द्वारा की गई टिप्पणियों के चलते शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। साल 2017 में सत्ता में आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस बात को सुनिश्चित किया कि उन्हें कम से कम ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

भाजपा साल 2017 में राज्य में 403 विधानसभा सीटों में से 312 सीटों पर जीत हासिल कर सत्ता में आई थी। राज्य में कांग्रेस ने सात, सपा ने 47, बसपा ने 19 और राष्ट्रीय लोकदल ने नौ सीटें जीती थीं। राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं।