राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग और जामिया नगर में आवासीय परिसरों में एनसीबी की छापेमारी में शुक्रवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि यहां 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 50 किलोग्राम हेरोइन और 47 किलोग्राम संदिग्ध नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे। एनसीबी ने दावा किया है कि रैकेट के पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य पूर्व से संबंध हैं।

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक एस.एन. प्रधान ने दावा किया है कि पूरे मामले के पीछे नार्को आतंकवाद मॉड्यूल हो सकता है। गुरुवार को एक गुप्त सूचना के बाद एनसीबी की एक टीम ने चिन्हित स्थानों पर छापा मारा और 50 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, 47 किलोग्राम संदिग्ध नशीले पदार्थ, 30 लाख रुपये नकद, नकद गिनने की मशीन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। प्रतिबंधित सामग्री को बैग पैक और जूट की बोरियों के अंदर रखा गया था। इस छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।

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अधिकारी ने कहा, जब्त की गई हेरोइन अफगानिस्तान से आई थी और नशीली दवाओं के पैसे हवाला के माध्यम से भेजे जाने की आशंका है। जब्त की गई सामग्री ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर के पैकेट में पैक की गई थी। एनसीबी के उप महानिदेशक (संचालन), संजय कुमार सिंह ने कहा, जांच के दौरान, यह पता चला है कि दिल्ली/एनसीआर या पड़ोसी राज्यों में स्थित एक भारत-अफगान सिंडिकेट इस मामले से जुड़ा हुआ लगता है। इन सिंडिकेट के पास स्थानीय स्तर पर हेरोइन बनाने में विशेषज्ञता है। उनके अनुसार, ये सिंडिकेट समुद्री और साथ ही भूमि सीमा मार्गों के माध्यम से भारत में सामानों की तस्करी करते रहे हैं। डीडीजी ने दावा किया था, विभिन्न वैध सामानों के साथ हेरोइन की तस्करी की गई थी और बाद में भारतीय समकक्षों द्वारा कुछ अफगान नागरिकों की मदद से उन सामानों को निकाला गया था। यह मामला पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में मादक पदार्थों के तस्करों से जुड़ा हुआ पाया गया है।