मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक रेस्त्रां से 50 पुरुषों और महिलाओं को हिरासत में लिया गया। ये सभी शराब के नशे में धुत होकर अश्लील डांस कर रहे थे।

इन्हें जिस रेस्त्रां से हिरासत में लिया गया वह मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह और विपक्ष के नेता ओकराम इबोबी सिंह के दफ्तर से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर है।

आपको बता दें कि मणिपुर में 1991 से शराब पर बैन है। राज्य के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह और नेता प्रतिपक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने महिलाओं की सेक्स से संबंधित अपराधों से रक्षा की जरूरत पर बल दिया है। पुलिस,छात्रों और महिला निगरानी समिति की सदस्यों की संयुक्त टीम ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता के दफ्तर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक रेस्त्रां पर छापा मारा था।

पुलिस का कहना है कि 50 से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों को हिरासत में लिया गया। कई महिलाएं और पुरुष रेस्त्रां से भाग गए। ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष और इनर लाइन परमिट सिस्टम पर बनी संयुक्त समिति की छात्र शाखा के संयोजक मंजीत सरांग्थेम ने कहा, आम लोगों के सहयोग और खासतौर पर महिला विजिलेंट्स के सहयोग से रेस्त्रां हमेशा के लिए बंद हो गया है।

उन्होंने कहा कि रेस्त्रां में म्यूजिक कॉन्सर्ट आयोजित किया गया था। इसके लिए 300 रुपए एंट्री फीस रखी गई। हमारे वॉलंटियर्स ने बताया कि कुछ शादीशुदा पुरुष और महिलाएं अश्लील डांस कर रहे थे। उनमें से कुछ अंधेरे कमरों में काफी आपत्तिजनक स्थिति में थे। कमरों में शराब पीने के सबूत थे।

सरांग्थेम ने कहा, हम मणिपुर में इस तरीके की पश्चिमी सभ्यता के अनुकरण को कभी सहन नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने कहा, कानून अपना काम करेगा। सरकार पुलिस और अन्य को अपनी ड्यूटी निभाने के लिए फ्री हैंड दे रही है।

मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया। इबोबी सिंह ने कहा, हमारी माताओं और बहनों के चेहरों पर आंसू नहीं होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार उन साहसी महिलाओं के प्रोटेक्शन के लिए हमेशा तैयार है जिन्होंने देश के इतिहास में अपना स्थान बनाया है।