पेड़ से लीची चुराने के आरोप में एक परिवार के 5 लोगों ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। उन्‍होंने इस छोटे से जुर्म की सजा के तौर पर 8 साल के मासूम को बुरी तरह पीट दिया। बच्‍चा इस दौरान माफ करने की दुहाई देता रहा। पर इन इंसानी रूपी हैवानों को उस पर तरस नहीं आया। असम के पश्चिम कार्बिआंगलॉन्ग जिले के खैरोनी के पुरानी बस्ती में एक 8 वर्षीय बच्चे को एक घर के आंगन से लीची तोड़ने के आरोप में उस घर के 5 लोगों ने निर्ममता से पिटाई कर दी। ये बच्चा पश्चिम कार्बिआंगलॉन्ग के ही खेरोनी, पुरानी बस्ती का गरीब परिवार से है।

बच्चे का कुसूर सिर्फ ये था कि उसने घर के मालिक से बिना पूछे उसके आंगन में लगे लीची के पेड़ से लीची तोड़ कर खाने की कोशिश की। पश्चिम कार्बिआंगलॉन्ग गुवाहाटी से लगभग 200 किलोमीटर दूरी पर है। ये एक पहाड़ी जिला है और इसकी 3 लाख की कुल आबादी में से लगभग 70 हजार लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से आकर बसे हैं। यहां ज्यादातर लोग भोजपुरी भाषी हैं। चौंकाने वाली बात है कि ये परिवार एक शिक्षक का परिवार है। ये शिक्षक पश्चिम कारबी आंगलोंग जिले के सरकारी मिडल स्कूल में हेड मास्टर है। शिक्षक गौतम शुक्ला और उनके भाई, पत्नी  और उनके दोनों बच्चों ने लीची चोरी के आरोप में 8 वर्षीय बच्चा आकाश चौहान की बड़ी बेरहमी से पिटाई की। 

इस बच्चे की मां ने बच्चे को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है। बच्चे के शरीर में कई जगह जख्‍म के निशान पड़ गए हैं। बच्चे की मां ने पश्चिम कारबी आंगलोंग के खेरोनी पुलिस थाने  में एफआईआर भी दर्ज करवा दी है। पुलिस ने पूछताछ के लिए शिक्षक गौतम शुक्ला और उसके परिवार के 5 सदस्यों को तलब भी किया है पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई हैं। असम में इस बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया है। बताया जाता है कि शिक्षक के परिवार के ही बच्चे की पिटाई के दौरान ये वीडियो अपने मोबाइल फोन से शूट किया था।