मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) की ओर से ऑनलाइन गांजा (मारिजुआना) बिक्री गिरोह का पदार्फाश (online ganja trade) करने के मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। इससे पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था, जो अमेजन (amazon) के साथ वेंडर (विक्रेता) के तौर पर पंजीकृत थे।

अब तक की जांच से पता चला है कि मध्य प्रदेश के दो पुरुषों के संपर्क बिंदु (कॉन्टेक्ट प्वाइंट) के रूप में काम कर रहे श्रीनिवास राव मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेदिक दवा के रूप में विशाखापत्तनम से मध्य प्रदेश को गांजा की आपूर्ति (online ganja trade) कर रहा था। विशेष प्रवर्तन ब्यूरो (एसईबी) (SEB) के संयुक्त निदेशक एस. सतीश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि गिरोह पिछले 7-8 महीनों से सक्रिय था और ऐसा संदेह है कि इस मार्ग से 600-700 किलोग्राम मादक पदार्थ की आपूर्ति की गई थी। उन्होंने कहा कि वे जांच के दायरे को अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक बढ़ा रहे हैं, क्योंकि ऐसा संदेह है कि आरोपी ने मादक पदार्थ को बेचने के लिए अन्य प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया होगा।

अधिकारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में गिरफ्तार मुकुल जायसवाल और सूरज पवैया से पूछताछ से और भी तथ्य सामने आएंगे। भिंड पुलिस ने पिछले सप्ताह दोनों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 20 किलो से अधिक सूखा गांजा (ganja trade) जब्त किया था। दोनों ने मधुमेय या शुगर को कंट्रोल में करने के लिए स्टीविया के सूखे पत्तों की आपूर्ति के लिए विक्रेता के रूप में अमेजन पर पंजीकरण कराया था और वे अन्य कंपनियों के जीएसटी नंबरों का उपयोग कर रहे थे। उनके पास विशाखापत्तनम में संपर्क बिंदु के रूप में श्रीनिवास राव था। काम करने के तौर-तरीकों के बारे में बताते हुए, कुमार ने कहा कि मध्य प्रदेश के दो लोग श्रीनिवास राव को चालान भेजते थे, जो इसे पैकेज पर चिपकाते थे और इसे अमेजन के पिकअप कर्मचारियों को सौंपते थे। 

श्रीनिवास राव को 21 नवंबर को विशाखापत्तनम में वाहन चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया था और पुलिस ने उसके पास से थोड़ी मात्रा में गांजा (ganja) बरामद किया था। उसके कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने एक घर की तलाशी ली, जहां से 48 किलो सूखा गांजा बरामद किया गया। वहां से इसके अलावा अमेजन से संबंधित पैकेजिंग सामग्री, एक तौलने की मशीन और अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस ने श्रीनिवास राव के बेटे मोहन राजू उर्फ राखी, जे. कुमारस्वामी, बी. कृष्णम राजू और वेंकटेश्वर राव को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों में पिक-अप सहयोगी (सामान को पहुंचाने वाले) और एक वैन का ड्राइवर शामिल है, जो श्रीनिवास राव को अवैध गतिविधि में मदद कर रहे थे।