उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में सर्च और रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 42 टीमें तैनात की गई हैं। 13 नावें और 58 मेडिकल टीम लगाई गई है। साथ ही 242 बाढ़ शरणालय, 222 बाढ़ चौकी और 18 पशु शिविर स्थापित किए गए हैं आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि एनडीआरएफ की 10 टीमें प्रदेश के छह जिलों बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी में लगाई गई हैं जबकि एसडीआरएफ की 15 टीमें बरेली, मुरादाबाद, कानपुर नगर, प्रयागराज, हमीरपुर, आगरा, कुशीनगर, गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, लखनऊ और उन्नाव टीमें लगाई गई हैं। 

इसी तरह, प्रदेश के 14 जिले, सीतापुर, प्रयागराज, बरेली, आगरा फर्रुखाबाद, आजमगढ़, मुरादाबाद, गोरखपुर, गोण्डा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, एटा और मेरठ में पीएसी 17 टीमें लगाई गई हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश के 25 जिलों में कुल 42 टीमें रेस्क्यू कार्यों के लिए प्री डेप्लॉयड हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित हर परिवार को दिए जाने वाले राहत राशन किट में एक किलोग्राम गुड़ शामिल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राहत एवं खाद्य सामग्री के लिए दो अलग-अलग पैकेट बनाए जाएंगे। पहले पैकेट में पांच किलो लाई, दो किलो भुना चना, एक किलो गुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, 01-01 पैकेट माचिस, मोमबत्ती और नहाने का साबुन होगा। 

दूसरे पैकेट में 10-10 किग्रा आटा व चावल,दो किलो अरहर दाल, 500 ग्राम नमक, एक लीटर रिफाइंड, हल्दी, धनिया और मिर्च (प्रत्येक 250 ग्राम) मिलेगा। इसके अलावा 10 किलो आलू, केरोसिन तेल और क्लोरीन की गोली भी दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में 10 जिले बहराईच, बलरामपुर, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, महराजगंज, पीलीभीत, श्रावस्ती, सीतापुर और सिद्धार्थनगर के 22 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 13 नावें उपयोग में लाई जा रही हैं और 58 मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। 242 बाढ़ शरणालय और 222 बाढ़ चौकी बनाई गई है। इसके अलावा 18 पशु शिविर बनाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक कुल 4821 फूड पैकेट दिए गए हैं।